तरनतारन- तरनतारन में चार दिन पहले पकड़े गए पुलिस कॉन्स्टेबल से पूछताछ के दौरान 10 किलो और हेरोइन बरामद हुई है। 4 दिन पहले उससे 15 किलो हेरोइन मिली थी। अब तक कुल 25 किलो हेरोइन जब्त की जा चुकी है, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करीब ₹50 करोड़ बताई जा रही है।
आरोपी करणबीर भारत-पाक बॉर्डर से ड्रोन के जरिए नशा तस्करी रोकने की पुलिस की एंटी ड्रोन टीम में तैनात था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने उसे पकड़ा था।
गिरफ्तारी के बाद जब NCB की टीम ने करणबीर सिंह से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने एक और ठिकाने का खुलासा किया। आरोपी की निशानदेही पर शनिवार को गांव भूसे स्थित एक टावर के पास से 10 किलो हेरोइन का एक और कंसाइनमेंट बरामद किया गया। इसके साथ उससे फोन, कैश और हथियार भी बरामद किए थे।

कैसे चढ़ा पुलिस की हत्थे…
सीक्रेट इनपुट पर BSF ने चेकपॉइंट पर रोका बीते बुधवार को BSF की 115वीं बटालियन को सूचना मिली कि ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप मंगाई गई है। जिसे आगे स्विफ्ट कार के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा है। BSF ने तुरंत बॉर्डर इलाके में गांव लाहियां के पास नाकाबंदी की। इस दौरान एक स्विफ्ट कार को रोका गया, जिसे करणबीर सिंह चला रहा था।
कार के साथ कैश और हथियार बरामद: कार की तलाशी लेने पर 15 किलो हेरोइन के 3 पैकेट, एक रिवॉल्वर, 5 जिंदा कारतूस, ₹7,000 कैश, 2 मोबाइल फोन, 5 पहचान पत्र, ATM कार्ड, डोंगल और चार्जर बरामद किए गए।
NCB ने बरामद हेरोइन और सभी सामान को अपनी कस्टडी में ले लिया। प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि नशे की यह खेप सीमा पार यानी पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से गिराई गई थी।
डेढ़ महीने पहले यूनिट में आया BSF से मिली जानकारी के मुताबिक थाना सराय अमानत खां के गांव भूसे के रहने वाले नंबरदार का बेटा करणबीर सिंह पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल है। कुछ टाइम पहले तक वह थाना भिखीविंड के अधीन आती पुलिस चौकी सुर सिंह में मुंशी तैनात था। करीब डेढ़ महीने पहले उसका तबादला एंटी ड्रोन यूनिट में हो गया।







