बठिंडा। पंजाब सरकार की लैंडपूलिंग पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका की तबीयत बिगड़ गई। वह कैमरे के सामने लड़खड़ाते नजर आए। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें संभाला और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।
पार्टी नेता और कार्यकर्ता बठिंडा में डीसी ऑफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान यह घटना हो गई। इस धरने में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल सहित कई बड़े अकाली दल के नेता वहां पर पहुंचे थे। राज्यभर में किसान संगठन इस नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और कई जगहों पर धरने-प्रदर्शन जारी हैं। किसानों का कहना है कि यह नीति उनकी जमीन और रोजगार के लिए खतरा है। किसानों के विरोध को देखते हुए अब राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है।

30 हजार करोड़ इकट्ठा करने के लिए बनाई पॉलिसी- सुखबीर सिंह बादल
इसे लेकर SAD के प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा- आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के अधिकारियों को दिल्ली में बुलाया और उनके साथ बैठक की और सारी पॉलिसी की प्लानिंग की गई। अधिकारियों के साथ प्लॉनिंग की गई कि उन्हें 25 से 30 हजार करोड़ रुपए इकट्ठा करना है। उक्त पैसा इकट्ठा करने के लिए दिल्ली के बड़े-बड़े बिल्डर बुलाए गए।
SAD प्रधान ने आगे कहा- उक्त मीटिंग के बाद बिल्डरों के साथ हर जिले के डीसी को जिले में जमीनों को कब्जे में लेने के लिए भेजा गया। पूरे पंजाब में हजारों एकड़ जमीन सरकार ने प्लानिंग के तहत अपने कब्जे में लेनी थी। सिर्फ लुधियाना में ही 24 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन सरकार लैंडपूलिंग के तहत कब्जे में लेने वाली है।
अकाली दल प्रधान बादल ने आगे कहा- बिल्डरों ने सरकार के सामने शर्त रखी कि अगर सरकार उन्हें जमीन सस्ती लेकर देगी तो ही वह पैसा इकट्ठा कर पाएंगे। जब हमारी सरकारी थी तो किसानों को जमीन देने के बदले में 4 गुना पैसा दिया जाता था।

सीएम भगवंत मान नहीं, बल्कि केजरीवाल हैं-बादल
अकाली दल प्रधान बादल ने आगे कहा- मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है, बल्कि अरविंद केजरीवाल हैं। जेल से आए AAP के नेता मनीष सिसोदिया को सीएम हाउस के साथ वाली कोठी दी गई है। पंजाब के चार डिपार्टमेंट सिसोदिया और चार डिपार्टमेंट सतेंद्र जैन के पास हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर केजरीवाल काम कर रहे हैं। अधिकारी काम करवाने के लिए मान के पास नहीं, बल्कि केजरीवाल के पास जाते हैं। बादल ने आगे कहा- पंजाब में एक कमेटी बनाई गई, जिसके तहत 40 हजार एकड़ जमीन सरकार अपने कब्जे में लेने वाली थी। AAP नेता पंजाब को मारने की कोशिश करने रहे हैं। दिल्ली से पंजाब को लूटने के लिए ये नेता आएंगे। पंजाब में ऐसे ऐसे नेता लगाए गए हैं, जिनके किसी ने नाम भी नहीं सुने। कमेटी में चुने गए लोग सभी नेता और अधिकारी अन्य राज्यों से आए हैं।

बादल बोले- अकाली दल पॉलिसी लागू नहीं होने देगी
अकाली दल प्रधान बादल ने आगे कहा- बिल्डरों से एडवांस में पैसा लिया गया है, जिसके चलते वह सरकार इस पॉलिसी को लागू करना चाहती है। भगवंत मान और केजरीवाल को यह पॉलिसी वापस लेनी ही होगी। वर्ना अकाली दल इस पॉलिसी को लागू नहीं होने देगी।








