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कपूरथला में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से धुस्सी बांध को नुकसान: 20 से अधिक गांव जलमग्न, 35 और गावों पर खतरा

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कपूरथला। कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से धुस्सी बांध को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। ड्रेनेज विभाग के एसडीओ खुशविंदर सिंह के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़कर 1.16 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है।

बांध का लगभग 500 से 600 फीट लंबा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, जिससे मंड क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

रेत की बोरियों से बांधों को मजबूत करने की तैयारी

इसी बीच, राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल और उनके अनुयायी मौके पर डटे हुए हैं। वे रेत से भरी बोरियां लगाकर बांध को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से अब तक 20 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं। गांव बाऊपुर के किसान जरनैल सिंह की 10 एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, वहीं बाऊपुर बजीद के किसान इंदरजीत सिंह की 35 से 40 एकड़ जमीन भी पानी में डूब गई है।

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल और पूर्व क्रिकेटर मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते हुए।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल और पूर्व क्रिकेटर मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते हुए।

पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी मदद के लिए उतरे

संत सीचेवाल और उनके अनुयायी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोटर बोट के जरिए चारा पहुंचा रहे हैं और प्रभावित लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है। इस बीच, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी मौके पर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।

बाढ़ से बिगड़े हालात की तस्वीरें..

संत सीचेवाल खुद बोरियां उठाकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
संत सीचेवाल खुद बोरियां उठाकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
नाव पर राहत सामग्री लेकर जाता ग्रामीण युवक।
नाव पर राहत सामग्री लेकर जाता ग्रामीण युवक।

सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड भी बनाए

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए भी प्रशासन सक्रिय है। कपूरथला के सिविल सर्जन डॉ. हरपाल सिंह ने सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के गांव बाऊपुर जदीद का दौरा किया और आहली कला स्कूल में स्थापित मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया।

उन्होंने मेडिकल टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और दवाइयों के स्टॉक की जांच की। डॉ. सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को दवाइयों और इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। सिविल सर्जन ने प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां भी बताईं। उन्होंने पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही, डायरिया, बुखार या त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड भी बनाए हैं। इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजीव प्रशार और डी.एम.ई.ओ. राम सिंह भी मौजूद रहे।

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