32 स्कूलों को मिल चुकी है धमकी
पहली बार की गई पैसों की मांग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेल भेजने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल किया गया है। इसका इस्तेमाल करने से मेल भेजने के बाद आईपी एड्रेस किसी भी देश का बन जाता है। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि वीपीएन का अभी तक कोई तोड़ नहीं हैं। वीपीएन प्रोवाइड करने वाली एजेंसियां इसकी डिटेल नहीं देती है। गूगल की जानकारी देने से मना किया…वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गूगल से जब धमकी भरे मेल भेजने के बाद जानकारी मांगी गई तो जानकारी देने से मना दिया है। गूगल ने सिर्फ इतना बताया कि धमकी भरे मेल विदेशी आईपी एड्रेस से भेजे गए हैं।
दहशत फैलाना हो सकता है उद्देश्य
कांग्रेस ने की जांच कराने की मांग
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने स्कूलों व कॉलेजों को लगातार मिल रही बम धमकियों पर चिंता जताई है। उन्हाेंने इसकी गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन धमकियों से छात्र, अभिभावक और स्कूल प्रबंधन भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। यादव ने बताया कि 18 अगस्त को ही 32 स्कूलों को बम की धमकी मिली। जुलाई में चार दिनों में 50 से ज्यादा स्कूलों और इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक 100 से अधिक स्कूलों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। पिछले वर्ष मई 2024 से अब तक 300 से ज्यादा स्कूल और कॉलेज को धमकी ईमेल प्राप्त हुए हैं। उन्होने कहा, मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल को गृहमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करनी चाहिए। सुरक्षा की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है।








