गांव जीदा में युवक गुरप्रीत सिंह जब अपने घर के कमरे में केमिकल से बम बना रहा था तभी अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाके की चपेट में आने से वह गंभीर घायल हो गया था। परिवार वालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। उपचार के दौरान उसका एक हाथ काटना पड़ा है।
बठिंडा। बठिंडा के गांव जीदा में एक घर में हुए दो बम ब्लास्ट मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वीरवार को एसएसपी अमनीत कोंडल ने खुलासा किया कि आरोपी युवक गुरप्रीत सिंह के दिमाग में मानव बम बनने का ख्याल आता था। जिसके चलते वह अपने घर पर बम बनाने की तैयारी में जुटा था। वहीं सूत्र बताते हैं कि आरोपी युवक इस तरह से पूरी तैयारी कर रहा था कि वो जम्मू में जाकर सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ सके, लेकिन बम बनाते समय धमाके होने से उसका पूरा मिशन फेल हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक ने मल्टीपल जेबों वाली एक बेल्ट भी ऑनलाइन मंगवाई थी और बम बनाने के लिए भी पूरा समान एवं केमिकल ऑनलाइन मंगवाए थे। आरोपी गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका मेडिकल करवाने के बाद अब पुलिस उसे अदालत में पेश करके सात दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार जम्मू पुलिस के अधिकारी एक बार तो आरोपी से पूछताछ करके पता लगाने का प्रयास किया है कि वो जम्मू के कठुआ में किसके पास किस मकसद से जाना चाहता था। लेकिन इस बारे में अधिकारिक तौर पर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी युवक के मोबाइल से काफी वीडियो बरामद हुए हैं। जो आंतकियों से जुड़े हैं। आंतकियों की वीडियो देखकर और ऑडियो सुनकर ही युवक को बम बनाने की सनक सवार हो गई थी।
एसएसपी कोंडल के अनुसार आरोपी युवक का पहले पीजीआई चंडीगढ़ से उपचार चल रहा था। डॉक्टरों ने युवक के परिजनों को सलाह दी थी कि इसे अकेला ना छोड़ा जाए। घर पर अकेला रहने की वजह से वह पूरी तरह से साइको हो गया, जिस कारण वह बम बनाने लग गया। युवक के घर पर दूसरे ब्लास्ट से उसके पिता जगतार सिंह घायल हुए थे। जगतार सिंह एम्स बठिंडा में भर्ती था। उसकी आंखों के इलाज के लिए उसको एम्स से फरीदकोट रेफर किया गया है।








