अमृतसर। अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र में रावी दरिया की तबाही ने किसानों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर और एकता आजाद ने दरिया किनारे पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान चाडपुर गांव के किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि रावी दरिया अब उनकी निजी जमीनों के बीच से बह रहा है, जिससे उनकी खेती पूरी तरह से चौपट हो चुकी है।
किसान बोले-सरकार ने नहीं लिया हालात का जायजा
किसानों का आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक कोई भी प्रतिनिधि इस क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। न तो हालात का जायजा लिया गया और न ही कोई राहत सामग्री दी गई। किसानों ने यह भी कहा कि उल्टा सरकार दरिया से निकली रेत पर अपना अधिकार जता रही है, जबकि किसानों को सदियों से अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया। इससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
संघर्ष कमेटी ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि किसानों की जमीनों को बचाने और पुनः खेती योग्य बनाने के लिए राहत कार्य चलाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे आगे आकर अस्थायी पुल बनाने में मदद करें। अगर पुल तैयार हो जाए तो ट्रैक्टरों और मशीनों की मदद से जमीनों से रेत हटाकर किसान अपनी जमीन पर दोबारा खेती कर सकते हैं।
ग्रामीण बोले- समाज और सरकार से उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो अजनाला क्षेत्र के किसान पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे। उनकी जमीनें, रोज़गार और जीवन सब कुछ संकट में पड़ चुका है। अब किसानों को सिर्फ इस बात की उम्मीद है कि समाज और सरकार दोनों मिलकर उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में मदद करेंगे।








