चंडीगढ़। चंडीगढ़ में आज (30 सितंबर) नगर निगम की मीटिंग में हंगामा हो गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने मेयर हरप्रीत कौर बबला के विदेश दौरे को लेकर घेरने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने निगमकर्मियों को सस्पेंड करने के खिलाफ आवाज उठाई।
जब मेयर और भाजपा पार्षदों ने उन्हें हंगामा करने से रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में जमकर बहस शुरू हो गई। कांग्रेस पार्षदों को शांत कराने के लिए मेयर बबला ने विदेश दौरे के दौरान मिला अवॉर्ड उन्हें दिखाया। उन्होंने कहा कि आपके शहर को अवॉर्ड मिला है, और आप शहर के साथ ही नहीं हो। इस पर कांग्रेस पार्षदों ने निगम कर्मियों को शोषण बंद करो लिखे पर्चे उठाकर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने चंडीगढ़ में मंत्री मनोहर लाल खट्टर के झाड़ू लगाने के विवाद पर भी सवाल उठाए। साथ ही इस मामले में सस्पेंड हुए कर्मियों को बहाल करने की मांग की।

विरोध करते हुए विपक्ष के पार्षद वेल में उतर आए। उन्होंने हाथों में पर्चे लेकर भाजपा और मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान उन्होंने मीटिंग के एजेंडे के पेपर फाड़कर मेयर की ओर उछाल दिए। हंगामा ज्यादा बढ़ने पर मेयर ने मीटिंग को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
मेयर ने कहा है कि वह हाउस की कार्रवाई तब तक शुरू नहीं करेंगे, जब तक सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी, डिप्टी मेयर तरुण मेहता, कांग्रेस पार्षद सचिन गालव और AAP पार्षद प्रेमलता को बाहर निकाला नहीं जाता। इसके बाद जसबीर बंटी, तरुण मेहता, प्रेमलता और सचिन को मीटिंग से बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान मार्शलों और पार्षदों में धक्कामुक्की हुई। मेयर ने कहा- इन्होंने शहर को मिले अवॉर्ड की बेइज्जती की। एजेंडे की कॉपियां फाड़कर मेरे मुंह पर मारीं। मैंने ऐसे पार्षद कभी नहीं देखे। हालांकि कुछ देर बाद ही बाहर निकाले गए पार्षद फिर से हाऊस के अंदर आ गए।
मीटिंग के PHOTOS…













