पंजाब रोडवेज यूनियन जालंधर दोपहर को अपनी मांगों को लेकर बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी। इसके बाद रामा मंडी फ्लाईओवर के नीचे हाईवे पर ट्रैफिक रोकेगी। इस दौरान किसी भी वाहन को निकलने नहीं दिया जाएगा। रोडवेड यूनियन के नेताओं का कहना है कि चक्का जाम के दौरान किसी भी बस स्टैंड से सरकारी बसें नहीं चलेंगी। बस स्टैंड को बंद करवा दिया जाएगा।
जालंधर के प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि आज पंजाब सरकार चंडीगढ़ में एसी बसों का टेंडर निकालने जा रही है। अगर इस टेंडर पर रोक नहीं लगी तो चक्का जाम किया जाएगा। अगर सरकार दोपहर तक टेंडर को रद्द करने का फैसला ले लेती है तो चक्का जाम पर विचार किया जाएगा।

मांगें न मानीं को अनिश्चितकाल के लिए होगा धरना
सतपाल सिंह ने बताया कि उनके कर्मचारी दोपहर को मांगों को लेकर चक्का जाम करने जा रहे हैं। इससे पहले वह रामामंडी फ्लाईओवर के नीचे एकत्रित होंगे और सरकार से किलोमीटर स्कीम के टेंडर रद्द करने सहित अन्य मांगों पर विचार करने के लिए कहेंगे। ये चक्का जाम पंजाब के सभी जिलों में होगा। जालंधर में चक्का जाम का निश्चित समय निर्धारित नहीं किया है। मांगें न माने जाने तक अनिश्चितकाल तक धरना जारी रह सकता है।
सभी जिलों के SSP को लिखा पत्र
उन्होंने बताया कि गुरुवार को किए जाने वाले चक्का जाम के संबंध में सभी जिलों के SSP को पत्र भेज दिया गया है। इस दौरान अगर पुलिस धक्केशाही करती है तो सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
कर्मचारियों को पक्का करने से मुकर रही सरकार
यूनियन का आरोप है कि सरकार और मैनेजमेंट कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के वादे से मुकर रही है, जबकि इसके उलट विभागों का निजीकरण करने के इरादे से किलोमीटर स्कीम बसों के टेंडर लगाए जा रहे हैं । संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ उच्च अधिकारी निजी कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार को इन बसों के फायदे बता रहे हैं, जिसका यूनियन कड़ा विरोध करेगी ।

मांगें न मानीं तो CM आवास पर लगाएंगे पक्का मोर्चा
यूनियन के अनुसार, अगर 23 अक्टूबर को वॉल्वो एचवीएसी किलोमीटर स्कीम बसों का टेंडर रद्द नहीं होता, तो उसी दिन दोपहर से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, खरड़ समेत पंजाब के सभी हाईवे और मेन चौक पूरी तरह से बंद करके रोष प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा। साथ ही, तुरंत हड़ताल करके मुख्यमंत्री पंजाब के आवास पर पक्का धरना दिया जाएगा, जो टेंडर रद्द न होने तक जारी रहेगा।
यूनियन ने यह स्पष्ट किया है कि संघर्ष के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और पंजाब सरकार की होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि टेंडर तुरंत रद्द किया जाए और विभागों की मालिकी वाली बसें डालने के लिए उचित कार्रवाई की जाए ।








