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निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर रिश्वतकांड में बिचौलिये कृष्णू ने रिमांड में दो पुलिस अफसरों के उगले नाम, भुल्लर की पेशी आज

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चंडीगढ़।निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर रिश्वतकांड में बिचौलिये कृष्णू ने सीबीआई रिमांड के पहले दिन ही पंजाब पुलिस के दो अफसरों के नाम उगले हैं। कृष्णू के मोबाइल फोन से रिकवर किए 100 जीबी डाटा और चैट में भुल्लर के अलावा इन दोनों पुलिस अफसरों से लगातार काम करवाने से जुड़ी बातचीत सामने आई है। पहले दिन कृष्णू से 6 से 7 घंटे पूछताछ हुई। सूत्रों के अनुसार सीबीआई इन अफसरों और कृष्णू के बीच लेनदेन को लेकर सबूत जुटाने में लग गई है।

उधर, सीबीआई चंडीगढ़ ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की दुबई और कनाडा में संपत्तियों से जुड़े जो दस्तावेज बरामद किए हैं, उसके लिए केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क किया है। अब केंद्रीय एजेंसियाें के जरिए इन प्रॉपर्टी की वेरिफिकेशन कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि दुबई और कनाडा में कुल चार से पांच फ्लैट के अलावा विला और होटल हैं। भुल्लर की 31 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत पूरी हो रही है। आज उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। हो सकता है कि सीबीआई भुल्लर का रिमांड मांगे और बिचौलिये कृष्णू को आमने-सामने बैठाकर रिश्वकांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ करे।

डायरी ने खोली ब्याज के नेटवर्क की परतें

डायरी में की गई पैसों की एंट्री पर नए तथ्य सामने आए हैं। सीबीआई रिमांड में कृष्णू ने माना है कि रुपयों के लेनदेन से जुड़ी कुछ एंट्री लोगों के काम करवाने और ब्याज पर दिए रुपयों के हिसाब-किताब से जुड़ी हैं। डायरी में जिन लोगों के नाम लिखे हैं सीबीआई उन लोगों से कृष्णू के लिंक को खंगाल रही है।

कृष्णू को पटियाना और मंडी गोबिंदगढ़ लेकर जाएगी टीम

सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही कृष्णू को टीम पटियाला और मंडी गोबिंदगढ़ लेकर जाएगी। रिमांड के दौरान यह बात सामने आई है कि कृष्णू लुधियाना स्थित भुल्लर के फार्म हाउस पर भी जाता था। पटियाला और मंडी गोबिंदगढ़ के कई कारोबारियों से भी कृष्णू के लिंक सामने आए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जल्द ही इन जगहों पर सीबीआई कृष्णू के साथ जाकर कारोबारियों से भी पूछताछ कर सकती है।

रजिस्ट्री, आर्म्स लाइसेंस और पुलिस में ट्रांसफर से जुड़े काम पकड़ता था कृष्णू

कृष्णू पंजाब के आईएएस, आईपीएस और नेताओं से संपर्क के दम पर लोगों की संपत्तियों की रजिस्ट्री, आर्म्स लाइसेंस बनवाने और पुलिस महकमे में ट्रांसफर करवाने के काम पकड़ता था। इसके लिए वह लोगों से 50 हजार से डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। पुलिस महकमे में कई पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर करवाने और फाइल क्लीयर कराने से जुड़ी चैट सामने आई हैं। इनकी सीबीआई जांच कर रही है।

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