चंडीगढ़ । पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में चल रहे प्रदर्शन पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू का विवादित बयान आया है। रवनीत बिट्टू ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे लोगों का काम आग लगाना ही है। हर प्रदर्शन में बार-बार वही लोग दिखते हैं। लुधियाना में भले बुड्ढे दरिया का मामला हो या फिर कोई और, वहां पर वहीं लोग होते हैं। कोई घोड़े पर आ रहा था तो कोई खच्चर पर।
रवनीत बिट्टू ने कहा कि यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के बाद मोर्चा से संबंधित स्टूडेंट्स से बात हुई तो उनका कहना था कि प्रदर्शन तो उनका रहा ही नहीं था, हमने एक स्टेज लगाई और यहां पर कई स्टेज लग गईं। प्रदर्शनकारी अपने साथ अपने ही स्पीकर माइक लेकर आए थे और स्टेज चला रहे थे।
सीनेट पर केंद्र का फैसला हित में था
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ सीनेट पर जो फैसला लिया गया था, वह यूनिवर्सिटी के हित में था। अब हो क्या रहा है कि यहां पर न तो प्रोफेसर रखे जा रहे हैं और न ही कुछ न्या हो रहा है। पंजाब सरकार तो यहां पैसे तक नहीं दे रही है। केंद्र ने इसे ठीक करने का मन बनाया था। मगर अब जब स्टूडेंट्स ही सामने आ गए हैं तो उनकी तरफ से संघर्ष वापिस ले लिया गया है।
PU वाइस चांसलर से बैठक, छात्रों ने रखीं और मांगें
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में सीनेट चुनाव को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के प्रयास के तहत आज अधिकारियों और छात्रों की बैठक हुई। वाइस चांसलर प्रोफेसर रेनू विज की अगुआई में यह बैठक आयोजित की गई। छात्रों ने बताया कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई। हालांकि, नतीजा कोई नहीं निकला। पीयू प्रबंधन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी ओर से चुनाव का शेड्यूल तैयार कर उप-राष्ट्रपति को भेज दिया गया है और जल्द ही चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
वहीं, छात्रों का कहना है कि जब तक चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक उनका मोर्चा जारी रहेगा। केंद्र सरकार के दो मेंबर भी मौजूद रहे। इसी बीच, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के प्रमुख जोगिंदर सिंह उगराहां अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आज यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का केंद्रीकरण करना गलत है। यह यूनिवर्सिटी पंजाब की है और यहां के छात्रों को सस्ती शिक्षा मिलती है।

हल्फिया से शुरू हुआ विवाद, सीनेट चुनाव की तारीख के ऐलान तक बड़ा
पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से इस वर्ष से ही दाखिला लेने वालों को हल्फिया बयान देने की शर्त रखी थी। जिसे लेकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। मगर बाद में केंद्र सरकार की तरफ से सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने का नोटीफिकेशन 28 अक्तूबर को जारी कर दिया।
PU की तरफ से एफिडेविट तो वापिस ले लिया मगर यह संघर्ष सीनेट सिंडिकेट के रद्द किए गए नोटीफिकेशन को वापिस लेने के लिए आगे बढ़ा। अब केंद्र ने सीनेट सिंडिकेट रद करने के नोटिफिकेशन को भी वापिस ले लिया है तो स्टूडेंट्स अब सीनेट चुनाव की तारीख का ऐलान करने तक संघर्ष जारी रखने की मांग उठाने लगे हैं।
वाइस चांसलर ने भेजा सीनेट चुनाव करवाने की प्रपोजल
केंद्र सरकार की तरफ से सीनेट सिंडिकेट को रद्द करने का नोटीफिकेशन वापिस लेने के बाद वाइस चांसलर की तरफ से शनिवार 8 नवंबर 2025 को ही जानकारी सांझा की थी कि उनकी तरफ से उपराष्ट्रपति को सीनेट चुनाव करवाने के लिए प्रपोजल भेजी है, जैसे ही मंजूरी मिलती है तो वह चुनाव की तारीख को ऐलान कर देंगे।
PU में संगठनों के साथ प्रदर्शन कर चुके हैं स्टूडेंट्स
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा की तरफ से सोमवार 10 नवंबर 2025 को पंजाब के संगठनों को साथ लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास भी किया और इस दौरान स्टूडेंट्स के पर हलके बल का प्रयोग भी किया गया है।








