अमृतसर। बिजली संशोधन बिल 2025, शंभू–खनौरी मोर्चे के नुकसान की भरपाई समेत कई अहम मांगों को लेकर किसान मजदूर मोर्चा (भारत) और उससे जुड़ी संगठनों ने आज से पूरे पंजाब में डीसी दफ्तरों के बाहर धरने शुरू कर दिए हैं। अमृतसर में भी बड़ी संख्या में किसान डीसी कार्यालय के बाहर जुटे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है ।
इस मौके पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर सरकार को 1 तारीख को ही मांग पत्र सौंप दिया गया था, लेकिन 16 दिन बीतने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो 20 तारीख से रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अमृतसर DC दफ्तर के बाहर किसानों का जोरदार प्रदर्शनबिजली संशोधन बिल 2025 वापस लेने की मांग
सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि किसानों और मजदूरों की मुख्य मांग है कि केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल 2025 को तुरंत रद्द करे। साथ ही पंजाब सरकार विधानसभा में सर्वदलीय सहमति से इस बिल के खिलाफ प्रस्ताव पारित करे। उन्होंने बिजली विभाग के निजीकरण को रोकने, ठेका प्रथा खत्म कर स्थायी कर्मचारियों की भर्ती करने और जबरन प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने की मांग की।
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका के साथ किए गए जीरो टैरिफ समझौते और अन्य देशों से किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से किसान, मजदूर और बाजार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कपास, मक्का, सोयाबीन और दुग्ध उत्पादों के आयात से घरेलू कृषि को नुकसान हो रहा है। ऐसे सभी समझौतों को तुरंत रद्द किया जाए।
साथ ही ड्राफ्ट सीड बिल 2025 को वापस लेकर बीज उत्पादन को कॉरपोरेट हाथों में देने की कोशिश बंद की जाए। पंधेर ने आरोप लगाया कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चले 14 महीने लंबे किसान मजदूर मोर्चे को पंजाब सरकार ने जबरन खत्म कराया। इस दौरान नेताओं की गिरफ्तारी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और आंदोलन के सामान को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए की भरपाई की मांग की।
किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग
पंधेर ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन-1, किसान आंदोलन-2 और पंजाब में चले आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं। रेलवे विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस भी रद्द किए जाएं। आंदोलन में शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी जाए, जबकि घायलों को आर्थिक सहायता मिले।
पंधेर ने कहा कि मानसून के दौरान आई बाढ़ से पंजाब में भारी नुकसान हुआ। उन्होंने मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपए, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों का 100 प्रतिशत मुआवजा, फसलों के लिए प्रति एकड़ 70 हजार रुपए और गन्ने के लिए एक लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की। साथ ही पशुओं, खेत मजदूरों और विस्थापित परिवारों को भी उचित राहत देने की मांग की।
आज से धरना, 20 से रेल रोको आंदोलन
किसान मजदूर मोर्चा भारत ने चेतावनी दी है कि अगर 18 दिसंबर यानी आज से शुरू हुए धरने के बाद भी सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो 20 दिसंबर से यह आंदोलन रेल रोको आंदोलन में तब्दील कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और पंजाब सरकार की होगी।








