व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने वालों ने दिया अधिक मुनाफे का लालच
पूर्व आईजी ने लिखा था कि जब भी कोई डीबीएस सिस्टम को लेकर शक जताता था या फिर सवाल पूछता था तो जालसाजों की तरफ से जवाब देने से पहले कई निवेशक ही सारे ट्रेडिंग प्रोग्राम के समर्थन में आगे आकर इसे 100 फीसदी कानूनी बताने लगते थे। पूर्व आईजी की ओर से दी इस जानकारी को आधार बनाकर पुलिस की ओर से उक्त व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े सभी लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
इस व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने वाले लोगों को अधिक मुनाफे देने का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये का निवेश करा लिया जाता था। बाद में पैसे वापस नहीं किए जाते थे। पूर्व आईजी चहल भी करीब 8.10 करोड़ की साइबर ठगी का शिकार हुए जिसमें से 7.5 करोड़ रुपये उन्होंने अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार ले रखे थे। चहल ने अपने नोट में खुद माना है कि वह लालच में फंस गए और अब वह अपना चेहरा किसी को दिखाने के लायक नहीं रहे हैं।
चहल की इमरजेंसी सर्जरी सफल
पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल का पटियाला के एक प्राइवेट अस्पताल में इमरजेंसी कार्डियो-थोरेसिक सर्जरी सफलतापूर्वक हुई। चहल के सीने के बाईं ओर गोली लगी थी और गोली पीठ से बाहर निकली थी, जिससे लगभग 1.5 लीटर खून बह गया। डॉ. सिद्धार्थ गर्ग के नेतृत्व में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने 3-4 घंटे की जटिल सर्जरी में फटे फेफड़े की मरम्मत और पसलियों के फ्रैक्चर ठीक किए। सर्जरी के बाद चहल वेंटिलेटर से हटा दिए गए हैं और उनकी हालत स्थिर है। डॉक्टरों का कहना है कि फर्स्ट एड और समय पर इमरजेंसी उपचार ने उनकी जान बचाई। फिलहाल चहल नरम भोजन ले रहे हैं और पूरी तरह ठीक होने में लगभग एक सप्ताह लग सकता है।








