चंडीगढ । प्रदेश कांग्रेस की तरफ से G RAM G का विरोध करने के लिए किए जा रहे प्रदर्शनों के बीच एकजुटता का प्रदर्शन किया है। कांग्रेस के सभी नेता बलाचौर में एक मंच पर एकत्र दिखे हैं। पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने स्टेज से ऐलान किया है कि हमें किसी को मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं चाहिए, हमें पंजाब में सरकार चाहिए। इस पर कांग्रेस के सभी नेताओं ने हाथ खड़े करके हां के नारे लगाए। इस मौके पर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी के वर्करों पर झूठे पर्चे दिए जा रहे हैं। सरकार आने पर सभी के पर्चे रद्द भी होंगे और उन्हें बनता मान सम्मान भी दिया जाएगा।

भूपेश बघेल बोले- मनरेगा गरीबों की ढाल
अपने संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है, जो मेहनतकशों और हाशिए पर खड़े वर्गों के हक में फैसले लेती आई है।उन्होंने कहा कि 2005 में सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शुरू हुई मनरेगा योजना को दुनिया की सबसे बेहतर ग्रामीण रोजगार योजनाओं में गिना जाता रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस योजना को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते कांग्रेस नेतृत्व खासकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मजदूरों की आवाज बनने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुआ है। उन्होंने आम आदमी पार्टी को भाजपा की “बी-टीम” करार देते हुए कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार ने मनरेगा में राज्य के हिस्से का जरूरी 10 प्रतिशत फंड तक नहीं दिया।
वड़िंग का तंज- 125 दिन का दावा सिर्फ जुमला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही मनरेगा के विरोधी रहे हैं।उन्होंने कहा कि 100 दिन के रोजगार की योजना में भी देशभर में सिर्फ 48 प्रतिशत काम हुआ, जबकि पंजाब में ‘आप’ सरकार के कार्यकाल में यह आंकड़ा एक प्रतिशत से भी कम है। वड़िंग ने भाजपा के 125 दिन रोजगार के वादे पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब 50 दिन का काम भी नहीं दे पा रहे, तो 125 दिन की गारंटी पर कैसे भरोसा किया जाए?”
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ सरकार ने विधानसभा में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव सिर्फ दिखावे के लिए पारित किया। जमीनी स्तर पर मजदूरों को कोई राहत नहीं मिली। वड़िंग ने कहा कि सरकार को अपने संसाधनों से ग्रामीण गरीबों के लिए कम से कम 4000 करोड़ रुपए की घोषणा करनी चाहिए थी।
कांग्रेस के नेता पहुंचे मनरेगा मदजूरों के घर
केंद्र सरकार की विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (G RAM G) के खिलाफ कांग्रेस मजदूरों को संघर्ष के लिए लामबंद करने में जुटी है। इसके लिए प्रदेश में मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू किया गया है। इसी के तहत बलाचौर में प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग समेत अन्य नेता मनरेगा मजदूरों के घर पहुंचे और वहां पर उनके साथ संवाद किया।
कांग्रेस नेता तीन विधवा महिलाओं से मिले और उनसे स्कीम के मौजूदा हालात के बारे में चर्चा की है। उनकी तरफ से मजदूरों को यह भी बताया गया है कि कांग्रेस द्वारा शुरू की गई मनरेगा को बंद करने या बदलाव करने का मंजूर नहीं किया जाएगा। वह इसके खिलाफ लड़ाई को लोगों के बीच लेकर जाएंगे और गली-गली घूमकर मजदूरों को एकजुट किया जाएगा।
तीन विधवा मिलीं, कहा- पिछले साल से नहीं मिल रहा काम
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने गांव की तीन विधवा महिलाओं से मुलाकात की। महिलाओं ने बताया कि वह मनरेगा में काम करके अपना परिवार पाल रही थीं। मगर पिछले साल से काम नहीं मिल रहा है। एक का तो बेटा भी मर चुका है। उनका कहना था कि किसी समय यह स्कीम काफी बढ़िया चल रही थी, मगर अब वह काम से लाचार हैं। साल में 100 दिन पूरा काम भी उन्हें नहीं मिलता है। गांव में शायद ही कोई व्यक्ति को जिसे 100 दिन काम मिला हो।

अमरिंदर राजा वडिंग बोले- हम गरीबों के साथ खड़े
इस दौरान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बताया कि मनरेगा स्कीम मजदूरों के लिए लाई गई थी, मगर केंद्र सरकार इसे बंद कर रही है। अब वह गरीबों की आवाज बनकर लोगों के बीच जा रहे हैं और संघर्ष कर रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल लोगों के बीच गलियों और घरों में जाकर उनसे बात कर रहे हैं और एक हमारा मुख्यमंत्री है कि उसके समय ही नहीं है कि वह मजदूरों के हक में आवाज उठा सके या उन्हें मिल सके।

मजदूरों की आवाज बनेगी कांग्रेस: भूपेश बघेल
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि वह चिंतित हैं कि मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है और सरकार इस पर कर कुछ नहीं रही है। हम मजदूरों की आवाज बनकर आए हैं और उनके लिए संघर्ष लड़ेंगे। रोजाना प्रदर्शन किए जा रहे हैं और इस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।








