बठिंडा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज रविवार को दूसरे दिन भी बठिंडा दौरे पर थे। सीएम ने आज सुबह जिला हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस व अकाली दल पर जुबानी हमला बोला। सीएम का कहना था कि बीजेपी धर्म ही नहीं, नफरत की राजनीति करती है।
सीएम कुर्सी मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस को घेरा
वहीं, उन्होंने कहा कि 328 स्वरूपों के घूम होने के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी जांच कर रही है। उन्हीं 16 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई, जिन्हें एसजीपीसी ने दोषी माना था। लेकिन अब एसजीपीसी मामले को डायवर्ट कर रही है। वहीं, उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी के बारे में जो बीजेपी प्रचार कर रही है, ऐसा कुछ नहीं हुआ है। फोरेंसिक जांच में साफ हो चुका है।
आतिशी का माइक नहीं चला
सीएम मान ने आतिशी विवाद पर बोलते हुए कहा कि दिल्ली की विधानसभा में पूर्व सीएम आतिशी, जिनका माइक भी नहीं चलता है, उनकी आवाज में शोर-शराबा पर सबटाइटल अपनी मनमर्जी की आवाज में दिए गए। गुरु साहिब की बेअदबी हुई है। फोरेंसिक जांच में साबित हुआ है कि आतिशी ने ऐसा बोला नहीं है।
बीजेपी पहले से इस पॉलिसी पर चल रही है। सख्त शब्दों में इसकी निंदा करते हैं। असल बेअदबी उन्होंने की है, गुरुओं का नाम सबटाइटल में डालकर। रिकॉर्डिंग में होती है, स्पीकर को पता चल जाता है। आने वाले 8 से 10 महीने पंजाब में इन्होंने यही करना है।
जाखड़ और कैप्टन से झूठ बुलवाते हैं
बीजेपी पंजाब से इतनी नफरत करती है। कभी चंडीगढ़ का मुद्दा, कभी बीबीएमबी, कभी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, तो कभी हमारी झांकी रोकती है। जब लोग या संस्थाएं विरोध करते हैं तो फैसले वापस ले लेती है। इस समय मुश्किल में सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरेंद्र सिंह को देखता हूं। सुनील जाखड़ से इतना झूठ बुलवाते हैं कि उनके होंठ कांपने लग पड़ते हैं।
पिछले कुछ दिनों से बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल के प्रेस नोट भी एक-एक जारी होते हैं। प्रेस नोट की शब्दावली भी सेम है। लिखने का स्टाइल भी नहीं बदलते हैं। बस भगवंत मान के खिलाफ बोलना उनका लक्ष्य है।
पीएम ने मिलने का टाइम तक नहीं दिया
पंजाब में पहले भी इस तरह नफरत फैलाने की कोशिश की गई। लेकिन हम इस तरह काम नहीं होने देंगे। यूपी आदि में कर लेते हैं। बीजेपी वाले इन चीजों से बाज आएं। फोरेंसिक जांच में साफ हो चुका है कि गुरु का नाम नहीं लिया गया। यह गुरु साहिब से प्यार की बात करते हैं। हम गुरु गुरु तेग बहादुर का साढ़े तीन सौ साल मना रहे थे। पीएम को बुलाने के लिए टाइम मांगा था, लेकिन इन्होंने टाइम नहीं दिया। इनसे इनका प्यार साफ हो जाता है।
बादलों ने ही दी थी मंजूरी
इनका लक्ष्य पंजाब का भट्ठा बिठाना है। मैं पंजाब के हकों के लिए नॉर्थ जोन कल्चर सेंटर में जाकर लड़ा। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रत्येक मुद्दे पर लड़ेगी। सुखबीर बादल पीयू में विरोध करने चला गया। हैरानी यह है कि वह लेटर तो उन्होंने खुद जारी किया है कि हमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एतराज नहीं है। ऐसी स्थिति कृषि कानूनों के समय भी थी। तीन महीने खुद कृषि कानूनों के विरोध में बोलते रहे। केंद्रीय मंत्री तोमर की प्रेस कॉन्फ्रेंस करवा दी। फिर इस्तीफा दिला दिया। कहा बिल गलत है। पहले बादल साहब से भी बयान दिला दिया।
रंधावा इंदिरा गांधी को देने गए थे बधाई
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा बारे में सीएम ने कहा कि रंधावा साहिब कल मुझे गाली दे रहे थे। वह कह रहे थे कि श्री अकाल तख्त साहिब ने मुझे बुलाया है, मैं जाऊंगा। वह कह रहे थे कि जो हम धर्म के लिए कर सकते हैं, वह कोई नहीं कर सकता। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि वह भूल गए। संतोख सिंह रंधावा ब्लू स्टार के बाद इंदिरा गांधी को बधाई देने गए थे। भूपेश बघेल, जिसे मुख्यमंत्री कहते हैं, वह उसी कांग्रेस पार्टी का छत्तीसगढ़ का पूर्व मुख्यमंत्री है।
सीएम ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा कहते हैं कि मनरेगा में जो बदलाव किए हैं, उसमें 40 प्रतिशत पैसा पंजाब रख ले। बाजवा साहब फिर तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल वालों से भी करवा दो। फिर आप सड़कों पर क्यों घूमते हैं। तीन राज्यों में आपकी सरकार है, आप करवा दो। मैं तो पंजाब की तरक्की करना चाहता हूं। लगातार प्रयास चल रहे हैं। पंजाब पढ़ाई में नंबर एक पर आ गया है। पहले केरल नंबर एक था।
सीएम पद के उम्मीदवार तो होते, ग्राहक नहीं
सीएम ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे गालियां निकालकर पंजाब का भला नहीं होगा। अब तो एजेंडे के तहत ही आएं। भाषा देखो। राजा वड़िंग कल कह रहा था कि लोग और पत्रकार कह रहे थे कि मुख्यमंत्री के छह ग्राहक हैं। कोई ग्राहक नहीं है। मैं ग्राहक नहीं हूं। मुख्यमंत्री के उम्मीदवार तो सुने थे, ग्राहक नहीं। अब दोबारा माफी मांगनी पड़ी।
सीएम ने कहा कि मैंने कहा था कि 2025 के अंत या 2026 में इनका संतुलन हिल जाएगा। मैं लाइब्रेरी या पुलों का उद्घाटन कर रहा हूं। अब सरकारी पागलखाने खोलेंगे, सरकारी खर्च करवाएंगे। बाजवा कहता है कि संगरूर वाली जेल से किसी ने छुड़वाना नहीं है। मजीठिया का विरोध करते हुए उसके हक में बोल गए। चन्नी कहता है मुझे तो पता नहीं चला कि परगट पकड़ा गया। तरस ही कर सकते हैं। यह अपनी पार्टी के फैसले लेते हैं।
SIT चोरी हुए स्वरूपों के मामले में बनाई
328 पावन स्वरूपों के मामले में सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि इस मामले में एक्शन लो। हमने सद्भावना ग्रुप से बातचीत की। एसजीपीसी ने जो 16 लोग दोषी माने थे, हमने उन पर एफआईआर दर्ज की। अब कह रहे हैं कि पैसों के लेनदेन का मामला है। मामले को डायवर्ट करने की कोशिश हो रही है। एसआईटी चोरी हुए स्वरूपों को तलाशने के लिए बनाई गई है। आरोपी अभी रिमांड पर है। उसके बाद रिपोर्ट बनेगी। वहीं, पहले ही क्यों कहा जा रहा है कि इसे पकड़ा जाए। चोर की दाढ़ी में तिनका होता है।
मुझे बुलाया है, मैं शीश झुकाकर जाऊंगा। मुझे कहा कि गोलक बारे बयान क्यों दिया। मैं स्पष्टीकरण देकर आऊंगा। मेरे पास यह चीजें हैं। आप (एसजीपीसी) ने ही आरोपियों को नौकरी से निकाला है। वह अभी भी बिजनेस पार्टनर हैं। जिस होटल से पकड़ा गया है, वह उनके स्पांसर कमरे हैं। यह बात बताने की जरूरत है। मैं तो अपना हिसाब देने जा रहा हूं।
एसजीपीसी प्रधान साहिब ने खुद कहा कि 10-20 घोटाले तो रोज होते हैं। फिर कहते हैं कि आईपीसी की धारा लागू नहीं होती। जबकि पुरानी एफआईआर के समय कोई और पुलिस थी। जब मैं संगरूर में मेडिकल कॉलेज बनाने लगा तो एसजीपीसी 1968 के कागज लेकर हाईकोर्ट पहुंच गई थी। लोगों को जानने का हक है कि दशबंद कहां जा रहा है।
14 साल से SGPC चुनाव नहीं हुए
एसजीपीसी चुनाव 14 साल से नहीं हुए हैं। चुनाव केंद्र सरकार ने करवाने हैं। लेकिन इन्होंने कभी चुनाव के लिए लिखकर नहीं दिया। कई सदस्यों का स्वर्गवास हो गया, कुछ विदेश चले गए। लेकिन हर साल आप ही चुनकर कह देते हैं कि चुनी हुई संस्था है। मैं कोई सवाल या टकराव पैदा नहीं करना चाहता, बल्कि जो पहले बुलाए गए, वह गए नहीं, उनकी मर्जी। मैं जाऊंगा।
जेल मेन्यू के मुताबिक कार्रवाई होगी
शिरोमणि अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सिक्योरिटी को मिली थ्रेट के सवाल पर सीएम ने कहा कि जेल संबंधी कोई इनपुट आई है तो एजेंसियों से टाइअप करेंगे। वह केवल अपनी बैरक बदलवाना चाहते हैं, तो ऐसा नहीं होगा। जेल मेन्यू के मुताबिक ही कार्रवाई होगी।
डायनासोर के गले में संगल डाल घूम रहे
हमारी पार्टी 12 से 13 साल पुरानी है। जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव काफी उत्साहजनक रहे हैं। पहले वाली सरकारों ने विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव करवाए थे। लेकिन हमने चार साल बाद चुनाव करवाए हैं। गांवों के 19 हजार बूथों पर वोट डाले गए हैं। गांवों में कोई तीसरे नंबर पर आकर डायनासोर के गले में संगल डालकर घूमे तो मैं क्या करूं। हमारा सर्वे जारी रहेगा, इंटरनल सर्वे जारी रहेगा।
गैंगस्टरों को टिकट किसने दी
नशों के खिलाफ जंग जारी रहेगी। हम किसी तस्कर या गैंगस्टर की पुश्तपनाही नहीं करते हैं। वहीं, सीएम ने पत्रकारों से कहा कि यह सवाल आप सुखबीर बादल से पूछ लें कि तरनतारन में किसको टिकट दी। जो गैंगस्टरों को टिकट देते हैं, जो उनके रिश्तेदारों को बुलाते हैं, जो बिना वीजा के आए हों। जब थाने के सामने अपनी बेटी की इज्जत बचाते हुए मारा गया। नाभा जेल से भागे थे, उस समय कह दिया था कि पाकिस्तान का हाथ है। हमारी पार्टी जिस पर आरोप लगते हैं, उसे मेन स्ट्रीम में नहीं लाती।








