जालंधर- कपूरथला के फगवाड़ा के नजदीकी गांव पांशटा में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां महज 11 साल के एक मासूम बच्चे ने सिर्फ इसलिए मौत को गले लगा लिया क्योंकि उसे पतंग उड़ाने के लिए ‘चाइना डोर’ नहीं दिलाई गई थी। जिस घर में बड़े भाई के जन्मदिन का जश्न मनाया जाना था, वहां अब छोटे बेटे की अर्थी उठने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
दरवाजा तोड़ा तो दंग रह गए परिजन
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बच्चा कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिवार के सदस्यों को चिंता हुई। उन्होंने कमरे के बाहर जाकर आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब दरवाजा खोलने की कोशिश की गई, तो वह अंदर से बंद पाया गया। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा। जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए मासूम बच्चा कमरे में लगी पर्दों की पाइप से फंदा लगाकर लटका हुआ था।

पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही पांशटा पुलिस चौकी के इंचार्ज गुरदीप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। इंचार्ज गुरदीप सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला मांग पूरी न होने पर गुस्से में उठाया गया आत्मघाती कदम प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पूरी तरह पता लगाया जा सके।
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला न केवल प्रतिबंधित चाइना डोर के जानलेवा शौक को उजागर करता है, बल्कि बच्चों के मानसिक व्यवहार और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते गुस्से की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।








