सिख समाज के धार्मिक दिवस की भावनाओं का आदर करते हुए समुदाय ने अपना मौजूदा धरना फिलहाल स्थगित कर दिया है, लेकिन इंसाफ न मिलने पर आगे उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
घर में प्रार्थना के दौरान हुआ हमला
मसीह शक्ति संगठन के राष्ट्रीय प्रधान और समाज सेवक पास्टर गौरव मसीह गिल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 1 जून को मिट्ठू बस्ती इलाके में हमारे एक भाई के घर पर पारिवारिक मसीह प्रार्थना चल रही थी। प्रार्थना के बाद परिवार ने शांतिपूर्ण ढंग से खाने की तैयारी की थी।
पुलिस की मौजूदगी में मिलीं धमकियां
पास्टर गौरव मसीह गिल ने बताया कि घटना के समय वे चंडीगढ़ में थे। जैसे ही स्थानीय पास्टर्स को इसकी भनक लगी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां हालात काफी तनावपूर्ण थे और उपद्रवियों ने पीड़ित परिवार को घेर रखा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार को सुरक्षित निकाल कर थाने ले गई।
आरोप है कि थाने के बाहर भी कुछ लोग हथियार (वार) लेकर पहुंच गए थे और पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। अगर मौके पर पुलिस मुस्तैद न होती, तो हमलावर बड़ा नुकसान कर सकते थे।
3 जून को जालंधर प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था। यह समयसीमा पूरी होने के बाद समुदाय ने धरने का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद इसे टाल दिया गया।
10 जून तक का नया अल्टीमेटम
शनिवार को विभिन्न मसीह जत्थेबंदियों और पास्टर्स की एक अहम बैठक हुई, जिसमें पुलिस द्वारा अब तक कोई पर्चा दर्ज न किए जाने को लेकर भारी रोष जताया गया। मसीह नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि प्रशासन को बुधवार, 10 जून तक का आखिरी समय दिया जा रहा है।
यदि 10 जून तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पंजाब और ऑल इंडिया स्तर पर फैल जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी।








