जालंधर- पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट 18 अक्टूबर को जालंधर और होशियारपुर के इलाकों के दौरे हैं। इस दौरान उन्होंने गैंगस्टरों की तरफ से मारे गए अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल अंबियां के परिजनों से दुख साझा किया। सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब में लगातार हो रही गैंगस्टर हिंसा, रंगदारी और सरेआम गोलीबारी से लोग खौफ में हैं। सूबा सरकार लोगों को सुरक्षा देने और गवाहों को संरक्षण प्रदान करने में फेल रही है। सरकार भले ही विदेशों से गैंगस्टरों को वापस लाने की बातें करे, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी पीड़ित परिवारों को रंगदारी और धमकियों भरे इंटरनेशनल कॉल और वॉइस मैसेज आ रहे हैं।
हाल ही में 76 साल के बुजुर्ग चावला साहब से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जवान बेटे को खोने के बाद अब उन्हें भी डराया जा रहा है ताकि वे अदालत के चक्कर न काटें। गवाहों और पीड़ितों को सुरक्षा न मिलने से वे मजबूरन पीछे हट रहे हैं। यदि हादसे के बाद भी परिवारों को न्याय की उम्मीद न रहे, तो यह मौजूदा व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।
इससे पहले सचिन पायल ने सुबह 9 बजे जालंधर के होटल रामाडा में लुधियाना क्षेत्र के कांग्रेस नेतृत्व और सीनियर नेताओं के साथ की और संगठन की मजबूती पर जोर दिया। अपने इस दौरे के जरिए पंजाब प्रभारी एक तरफ जहां पीड़ित परिवारों से मिलकर राज्य की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं बैठकों के माध्यम से संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार भी बना रहे हैं।

जानें नंगल अंबियां के परिवार से मिल सचिन ने क्या कहा…
- लोगों को सुरक्षा देने में फेल रही सरकार- दिवंगत अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नांगल अंबिया के परिजनों से दुख साझा करने पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आप सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार हो रही गैंगस्टर हिंसा, रंगदारी और हत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षा देने और पीड़ित परिवारों को संबल व कानूनी मदद देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
- पंजाब पुलिस को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए- पंजाब सरकार द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर किए जा रहे दावों पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आज भी पीड़ित परिवारों को धमकियों भरे इंटरनेशनल कॉल और मैसेज आ रहे हैं। 76 वर्षीय बुजुर्ग चावला साहब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि न्याय मांगने पर परिवारों को डराया जाता है। पुलिस को नेताओं के इशारों की जगह कानून के मुताबिक काम करना चाहिए।
- एक्टिविस्टों और गवाहों को डराना खराब संकेत- राज्य में एक्टिविस्टों और गवाहों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पायलट ने कहा कि जो भी आप सरकार, अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ को उजागर करता है, उसे निशाना बनाया जा रहा है। नशों के खिलाफ बोलने वालों की जान खतरे में है। इसी माहौल के कारण पंजाब का युवा हताश होकर राज्य छोड़ने को मजबूर है, जो कि पूरी व्यवस्था और समाज के लिए बहुत डरावना संकेत है।
- पीड़ित परिवारों में डर सरकारी तंत्र की विफलता- कांग्रेस की भूमिका स्पष्ट करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि पूरी पार्टी पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस पीड़ितों को हर तरह की कानूनी सहायता, नैतिक समर्थन और कार्यकर्ताओं का साथ मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि गवाह और पीड़ित परिवार सुरक्षा के अभाव में डरे हुए हैं, जिससे पूरी अदालती व्यवस्था और सरकारी तंत्र की विफलता उजागर होती है।
- नशे के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा -बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी भी अकालियों के साथ पंजाब की सत्ता में रही है, इसलिए वह जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। आज केंद्र में बीजेपी की सरकार है और गृह मंत्रालय उनके पास है। पाकिस्तान सीमा से आ रहे ड्रग्स और हथियारों को रोकने में केंद्र सरकार विफल रही है, जबकि आप सरकार ने स्थिति को इतिहास में सबसे बदतर बना दिया है।







