जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। सेना और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश होने की पुष्टि की है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड के कई इलाकों में खराब मौसम बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है।

पहाड़ी पर चढ़ रही रेस्क्यू टीम
SDRF की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए पहाड़ी पर चढ़ रही है। डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के मुताबिक, जेपी डैम के ऊपर जंगल में सफेद रंग की किसी चीज में आग लगने की सूचना मिली है। इसकी जांच के लिए दूसरे हेलिकॉप्टर भेजे गए हैं।

कंपनी के पूरे बेड़े की उड़ानों पर रोक
यह हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसमें पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा 5 यात्री सवार थे। इनमें प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज शामिल हैं। हादसे के बाद एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी गई हैं।
उत्तराखंड में 5 साल में 7 हेलिकॉप्टर क्रैश, 21 मौतें
केंद्र सरकार के मुताबिक, उत्तराखंड में 2020 से जुलाई 2025 तक 7 हेलिकॉप्टर क्रैश हुए थे। इनमें 21 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 2023 से 2025 के बीच 6 हेलिकॉप्टर हादसे हुए। राज्य में अब तक कितने हेलिकॉप्टर लापता हुए, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है।







