पठानकोट। हिमाचल प्रदेश व पठानकोट में हो रही बारिश से पठानकोट का चक्की खड्ड उफान पर है। इससे एयरपोर्ट को जाने वाला रास्ता काफी हद तक बह गया है। इसी बाढ़ में चक्की दरिया में रेलवे पुल के बचाव में लगी पोकलेन मशीन और बेदी बजरी कंपनी क्षेत्र की तरफ रेलवे लाइन भी बह गई है।
राहत की बात यह है कि किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। पानी की गहराई 25 से 30 फुट तक आंकी गई है। कुदरत के कहर को देख चक्की खड्ड के आसपास बसे लोग भी दंग है क्योंकि जब ट्रेन पुल से गुजर रही थी तभी नीचे से जमीन खिसकने लगी। काफी डराने वाला मंजर था।
पानी के तेज बहाव में रेलवे पुल के नीचे वाली रिटेनिंग वॉल टूट कर पानी में बह गई है। हालांकि रेलवे प्रशासन की तरफ से करीब एक वर्ष से उक्त रेलवे पुल को बचाने के लिए नीचे वाली सपोर्ट का काम करवाया जा रहा था। पानी के तेज बहाव में कार्य में लगाई एक पोकलेन मशीन भी बह गई। इस पुल के निरीक्षण में पिछले वर्ष रेलवे फिरोजपुर डिवीजनल और नार्दर्न रेलवे जम्मू के अधिकारी पठानकोट एयरपोर्ट रोड निकट बने पुल का जायजा लेने आए थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक चक्की खड्ड पठानकोट तरफ दो रेलवे पुल बने हुए है जिनमे एक 10 वर्ष पुराना है और दूसरा अंग्रेजों के जमाने से बना है। दोनों पुल से दिल्ली, जालंधर- पठानकोट और जम्मू के लिए रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनों का आना जाना है। ऐसे में रिटेनिंग वाॅल को प्रत्येक वर्ष बारिश के सीजन में नुकसान पहुंचता है।
मिट्टी खिसकने से खड्ड में 50 हजार क्यूसिक पानी दर्ज किया गया है। जो रिटेनिंग वॉल पानी में बही है वे करीब 16 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। हालांकि समय रहते रेलवे प्रशासन को पुल के नीचे वाली सपोर्ट का काम पूरा करवाना चाहिए था लेकिन, अब पुल पर दोबारा संकट मंडराने लगा है। एसरपोर्ट रास्ते के बहने से लोगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
माइनिंग बनी कॉल, पत्थरों वाले क्रेट भी नहीं रोक पाए कटाव
बेदी बजरी कंपनी के वार्ड नंबर. 12 में और अन्य जगह जिला प्रशासन द्वारा लगाए चक्की खड्ड के किनारों पर कटाव को रोकने लिए पत्थरों वाले क्रेट के ऊपर से पानी बहने लगा। ऐसे में पत्थरों के क्रैट पानी से लटक चुके हैं। कटाव बढ़ने लगा है। जबकि लोगों के मुताबिक चक्की की गहराई और चाैड़ाई के पीछे का कारण अवैध माइनिंग है क्योंकि पंजाब और हिमाचल का प्रशासन चक्की खड्ड में होने वाली माइनिंग पर रोक ना लगा पाने में विफल रहा है।








