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रक्खड़ पुनिया मेले के अवसर पर पंजाब की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने मंच लगाए: विवादित लैंड पूलिंग नीति को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा

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अमृतसर। अमृतसर के बाबा बकाला में शनिवार को वार्षिक रक्खड़ पुनिया मेले के अवसर पर पंजाब की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने मंच लगाए। विवादित लैंड पूलिंग नीति को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी कैबिनेट के साथ पहुंचकर जनता को संबोधित करने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव हुआ और उनकी जगह कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भाषण दिया।

पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा बाबा बकाला साहिब में संबोधन करते हुए। - Dainik Bhaskar

विपक्षी दलों ने इस मौके को शक्ति प्रदर्शन के रूप में इस्तेमाल किया और 2027 के चुनाव में एकजुट होने के संकेत देते हुए आम आदमी पार्टी को उनकी नीतियों के लिए घेरा। यह राजनीतिक गतिविधियां इसलिए भी अहम रहीं क्योंकि ये तरनतारन उपचुनाव से पहले हो रही हैं, जो बाबा बकाला से करीब 40 किलोमीटर दूर है। हालांकि उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

अकाली दल के मंच पर बैठे सीनियर नेता।
अकाली दल के मंच पर बैठे सीनियर नेता।

 

पार्टी लैंड पूलिंग के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी-रंधावा

कांग्रेस की रैली में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा मंच पर साथ दिखे। दोनों नेताओं ने सरकार को लॉ एंड ऑर्डर और विवादित लैंड पूलिंग नीति को लेकर घेरा। सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि 2027 के चुनाव के लिए कांग्रेस को अभी से एकजुट रहना होगा। उन्होंने ऐलान किया कि 21 अगस्त को संसद सत्र खत्म होते ही पार्टी लैंड पूलिंग के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी। उनका आरोप था कि आम आदमी पार्टी लैंड पूलिंग के जरिए पंजाब को लूटने की तैयारी में है।

प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने भी माना कि 2022 के चुनाव में कांग्रेस से कुछ गलतियां हुईं, जिससे सत्ता आम आदमी पार्टी के हाथ चली गई। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, किसान परेशान है और व्यापारी असंतुष्ट हैं। उन्होंने सभी कांग्रेस नेताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की।

एकजुट रहेंगे तो 2027 जीतेंगे-डॉ. दलजीत चीमा

अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल भी इस रैली में नहीं पहुंचे। लेकिन सीनियर नेताओं डॉ. दलजीत चीमा, एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी इस कार्यक्रम में पहुंचे। पार्टी नेताओं ने इस दौरान अपने वर्करों को एक जुट होने व नाराजगियां छोड़ने का संदेश दिया। डॉ. चीमा ने कहा कि अगर हम एकजुट होंगे तो ही 2027 में वापसी कर सकते हैं।

खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह संबोधन करते हुए।
खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह संबोधन करते हुए।

 

अमृतपाल सिंह की पार्टी ने किया शक्ति प्रदर्शन

इस मौके पर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे की तरफ से भी शक्ति प्रदर्शन किया गया। अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार पर उनके बेटे पर लगाए गए एनएसए को लेकर घेरा।

इतना ही नहीं, उन्होंने सरकार की नीतियों को राज्य विरोधी बताया। उन्होंने अपील की कि तरनतारन चुनावों में उनकी पार्टी का सपोर्ट करें, ताकि लोगों की आवाज पंजाब विधानसभा तक भी पहुंचाई जा सके।

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