चंडीगढ़। आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 अगस्त को होगी। वहीं, जेल में बैरक बदलने की उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख तय की गई है।
विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में अमृतसर स्थित उनके घर से मजीठिया को गिरफ्तार किया था। इस बार जांच का दायरा हिमाचल, दिल्ली और यूपी तक फैला है। हिमाचल में उनकी जमीन होने का दावा किया गया है, वहीं यूपी के गोरखपुर में उनकी शुगर मिल और दिल्ली में फॉर्म हाउस होने की जानकारी मिली है। इन स्थानों से मिली सामग्री को चालान का हिस्सा बनाया जाएगा।
साथ ही, जांच में छह लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय भी शामिल हैं, जिनके कार्यकाल में मजीठिया पर एनडीपीएस का केस दर्ज हुआ था। ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और चार अन्य लोगों के बयान भी लिए गए हैं, जो पहले मजीठिया के करीबी रहे हैं।
पत्नी ने संभाला हलका और परिवार
मजीठिया फिलहाल न्यू नाभा जेल में बंद हैं। पहले मजीठिया खुद अपने हलके मजीठा की देखभाल करते थे और लोगों की शिकायतें सुनते थे, लेकिन अब उनकी पत्नी और विधायक गनीव कौर ने मोर्चा संभाल लिया है। वह हलके में जाकर लोगों से मुलाकात कर रही हैं और हर मुश्किल का समाधान करने की कोशिश कर रही हैं। बच्चे और परिवार का ख्याल रखती है। इसके अलावा सुनवाई पर भी पहुंचती है।








