लुधियाना। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर बिहार जाने वाली गाड़ियों में भीड़ का आलम इस कदर है कि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। रेलवे ने क्राउड कंट्रोल के लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं, इसके बावजूद प्लेटफार्म पर ट्रेन आते ही यात्री दौड़ने लगते हैं। छठ पूजा के लिए दिवाली से लेकर अब तक लगातार बिहार जाने वाली गाड़ियां पैक होकर जा रही हैं। यही नहीं रेलवे ने पंजाब से बिहार जाने के लिए कुल 171 स्पेशल ट्रेन लगाई हैं। फिर भी यात्रियों की संख्या कम नहीं हो रही है और ट्रेनों में बैठने के लिए मारा-मारी हो रही है।


रेलवे दावा कर रहा है कि उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। रेलवे की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए देर रात दैनिक भास्कर की टीम लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची। टीम ने रेलवे के दावों की रिएलिटी चेक की। निसंदेह रेलवे ने व्यवस्थाएं बेहतरीन की हैं, लेकिन यात्री ट्रेन के अंदर घुसने को लेकर इतने उतावले हैं कि वो ट्रेन आने पर धक्का मुक्की पर उतर जाते हैं। देर रात प्लेटफार्म नंबर-2 पर हावड़ा मेल पहुंची तो पहले तक जो यात्री कंट्रोल में बैठे थे, वो उठकर ट्रेन की तरफ दौड़ने लगे। रेलवे की क्राउड मैनेजमेंट टीम से लेकर आरपीएफ के जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन वो ट्रेन में घुसने के लिए इतने उतावले थे कि धक्का मुक्की करने लगे। जिसको दरवाजे घुसने की जगह नहीं मिली तो वो इमरजेंसी विंडो से घुसने लगे।
ट्रेन आने से आधा घंटा पहले प्लेटफार्म पर पहुंचाए रहे यात्री
प्लेटफार्म पर गाड़ी में चढ़ते समय धक्का मुक्की न हो इसके लिए रेलवे यात्रियों को सिर्फ आधा घंटा पहले रेलवे प्लेटफार्म पर भेज रहा है। उससे पहले यात्रियों को वेटिंग एरिया में रोका जा रहा है। ट्रेन के आने से पहले यात्रियों को बाकायदा बताया जा रहा है कि उनका डब्बा कहां पर आएगा तो उन्हें वहीं पर रोका जा रहा है।
प्लेटफार्म पर लगाई पीली लाइन
रेल प्रशासन ने प्लेटफार्म पर पीली लाइन लगाई है, ताकि कोई भी यात्री उस लाइन से आगे न आए। ट्रेन आने के 15 मिनट पहले से आरपीएफ के जवान यात्रियों को पीली लाइन से पीछे हटा रहे हैं। जो भी यात्री या बच्चा आगे आ रहा है, उसे तुरंत पीछे किया जा रहा है।

कॉमन अनाउंसमेंट सिस्टम के साथ प्लेटफार्म पर भी अनाउंसमेंट
रेलवे के कॉमन अनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार लोगों को सूचित किया जा रहा है। इसके अलावा रेलवे स्काउट्स भी लोगों को हाथ में माइक लेकर जागरूक कर रहे हैं और रेलवे स्टेशन पर शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
वेटिंग एरिया में टॉयलेट व पीने के पानी की व्यवस्था
रेलवे के परिसर में 500 लोगों के लिए वेटिंग एरिया बनाया गया है। उसमें पंखों की व्यवस्था की गई है। रेलवे के स्थायी टॉयलेट के साथ मोबाइल टॉयलेट भी लगाए गए हैं, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। वेटिंग एरिया से तभी यात्रियों को अंदर जाने दिया जा रहा है, जब उनकी ट्रेन का समय हो।
56 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर
रेलवे स्टेशन पर 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से रेलवे स्टेशन के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा रही है। कैमरों को तीन अलग-अलग जगहों से मॉनिटर किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम, आरपीएफ के दफ्तर और डीआरएम दफ्तर से लगातार सीसीटीवी कैमरों को देखा जा रहा है। फिरोजपुर डीआरएम दफ्तर में बाकायदा इसके लिए वॉर रूम बनाया गया है।
40 स्काउट्स, 30 टीटी व 100 आरपीएफ जवान तैनात
क्राउड मैनेजमेंट के लिए लुधियाना रेलवे स्टेशन पर 40 रेलवे स्काउट्स, 30 टीटी और 100 आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। टीटी यात्रियों को ट्रेन में चढ़ाने में मदद कर रहे हैं, जबकि स्काउट्स लोगों की भीड़ एकत्रित होने नहीं दे रहे। जब ट्रेन आ रही है, तो वो भी यात्रियों को गाड़ी में चढ़ाने में मदद कर रहे हैं। जबकि आरपीएफ जवान सुरक्षा व्यवस्था व भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
25 से 28 हजार लोग आ रहे रोजाना
सीनियर डीसीएम परमदीप सिंह का कहना है कि लुधियाना रेलवे स्टेशन पर छठ पूजा के कारण पंजाब में सबसे ज्यादा भीड़ है। उन्होंने बताया कि यहां पर रोजाना 25 से 28 हजार यात्री आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि लुधियाना रेलवे स्टेशन से आठ स्पेशल गाड़ियां चला चुके हैं और चार गाड़ियां और चलाई जानी हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद स्टेशन पर हालात सामान्य हो जाएंगे।








