जालंधर/कपूरथला पाकिस्तान में निकाह करने वाली पंजाब के कपूरथला की सरबजीत कौर के मामले में अब एक नया खुलासा हुआ है। सरबजीत कौर का पंजाब में लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, इनमें इनमें नाबालिगों की वेश्यावृत्ति के लिए बिक्री-खरीद भी शामिल है। हालांकि वह अधिकतर मामलों में बरी हो चुकी हैं। उधर, जिस जत्थे के साथ वह पाकिस्तान गई थीं, उसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें यूट्यूबर नासिर हुसैन जत्थे का स्वागत करता दिख रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पाक इमिग्रेशन फॉर्म में उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर खाली छोड़ा था, जिससे जांच एजेंसियों का शक और बढ़ गया। इधर, SGPC ने निर्णय लिया है कि अब अकेली महिला यात्रियों को पाकिस्तान के लिए वीजा जारी करने में सख्ती बरती जाएगी।

- गांव में कोठी, पति से तलाक, कई केस दर्ज रहे: महिला कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट आफिस टिब्बा का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। गांव के लोगों का कहना है कि महिला का अपने पति से तालाक हो चुका है। इसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा पर्चे दर्ज हैं।
- गांव अमानीपुर में आलीशान कोठी: गांव अमानीपुर के अंदर महिला की आलीशान कोठी है। लोगों ने बताया कि महिला का लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था, न ही विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना जाना है।
- लोग बोले- घर से लाखों की नगदी बरामद हुई: कुछ लोगों ने इतना जरूर बताया कि पूरे केस में कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। वह खुद हैरान हैं कि वह पाकिस्तान के संपर्क में कैसे आई। उसके पास पैसे की कोई कमी नहीं है। लोग एक पुराने का केस का जिक्र करते हुए बताते हैं कि एक बार महिला की कोठी पर पुलिस ने दबिश दी थी, उसे दौरान लाखों रुपए की नकदी बरामद हुई थी।

पढ़िए, पूरा मामला…
- 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। जत्था 10 दिनों तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करने के बाद भारत लौट आया, लेकिन वापसी के समय 1922 श्रद्धालु ही लौटे। सरबजीत कौर जत्थे में शामिल नहीं मिलीं।
- जत्थे के कुछ सदस्य पहले लौटे: भारत लौटने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, चार अन्य सदस्य और तीन महिलाएं-जिनके घरों में कोई बीमार था- पहले ही लौट आए थे। लेकिन सरबजीत कौर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनके लापता होने की पुष्टि हुई।
- इमिग्रेशन फॉर्म से बढ़ा संदेह: सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पाकिस्तानी इमिग्रेशन पर भरे गए फॉर्म में सरबजीत कौर ने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां खाली छोड़ दी थीं। इससे उनकी पहचान और ट्रैकिंग में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- एजेंसियों ने शुरू की जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भारतीय एजेंसियों ने सरबजीत कौर की तलाश शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास और पाकिस्तान स्थित अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि महिला का पता लगाया जा सके।
- फॉर्म में नहीं भरा था पासपोर्ट नंबर: जांच में यह भी पता चला है कि समूह में शामिल होने और 4 नवंबर को पाकिस्तान जाने के दौरान पाकिस्तानी इमिग्रेशन कार्यालय में भारतीय महिला द्वारा भरे गए फॉर्म में उसने अपनी बुनियादी जानकारी अधूरी छोड़ दी थी और अपनी राष्ट्रीयता या पासपोर्ट नंबर नहीं दिया था।
- शेरपुरा की मस्जिद में किया निकाह: सोशल मीडिया पर शेखुपुरा की मस्जिद में हुआ निकाहनामा वायरल हो रहा है। दावा किया गया कि सरबजीत कौर ने इस्लाम स्वीकार कर नाम बदलकर ‘नूर हुसैन’ रख लिया है। इसमें नूर हुसैन स्वीकार कर रही है कि वह 9 साल से नासिर हुसैन को जानती है।


पाकिस्तान में नासिर हुसैन ने किया था स्वागत
अमृतसर से अटारी के रास्ते में पाकिस्तान के नानकाना साहिब पहुंचने वाले जत्थे का स्वागत पाकिस्तान में वहां के यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नासिर हुसैन ने किया था। ये वही नासिर हुसैन है जिस पर आपरेशन सिंदूर के वक्त पाकिस्तानी एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगा था। इसी ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ भी इंटरव्यूर किया था।








