मोहाली- मनरेगा योजना का नाम बदलने का पंजाब में जमकर विरोध हो रहा है। एक तरफ राज्य की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी AAP ने इसी मुद्दे पर 30 दिसंबर को स्पेशल सेशन बुलाया है तो कांग्रेस की तरफ से पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन किए गए है। इस मौके कांग्रेस प्रधान मोहाली के खरड़ में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही आरोप लगाया कि बीजेपी कि गरीब लोगों से रोजी रोटी छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह बहुत गलत कर रही है।
कांग्रेस ने पंजाब सरकार को ही घेरा
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पहले मनरेगा में 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती थी। लेकिन भुगतान इसलिए रुके हुए हैं क्योंकि पंजाब सरकार अपना 10 प्रतिशत हिस्सा तक नहीं दे पा रही थी। अब हालात यह हैं कि कामों में भी कटौती कर दी गई है। इसका सीधा असर सड़कों की सफाई, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों पर पड़ा है।

लोगों को काम नहीं मिल रहा
राजा वडिंग ने बताया कि पंजाब में मनरेगा के तहत मजदूरी 346 रुपये प्रतिदिन मिल रही है, जबकि 500 रुपये देने का ऐलान किया गया था। पहले 100 दिन के काम की गारंटी की बात कही गई थी, जिसे अब 125 दिन बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
लुधियाना जिले का उदाहरण देते हुए राजा वडिंग ने कहा कि यहां मनरेगा के तहत 1 लाख 21 हजार 123 मजदूर पंजीकृत हैं, लेकिन केवल 51 हजार 488 मजदूरों को ही काम मिला। इनमें से सिर्फ 12 परिवारों को ही 100 दिन का काम मिल पाया। उन्होंने कहा कि हालात बेहद चिंताजनक हैं और इसके लिए केंद्र और राज्य, दोनों सरकारें जिम्मेदार हैं।








