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जालंधर BSF हेडक्वार्टर ब्लास्ट : “पापा का फोन नहीं आता तो मैं जिंदा नहीं बचता”- ब्लास्ट से बचा युवक सहमा

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जालंधर- जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास धमाके में जली स्कूटी के मालिक युवक को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। युवक का कहना है कि धमका इतना जोर का था कि मुझे अभी भी एक कान से कुछ सुनाई नहीं दे रहा। एक टांग नहीं चल रही। युवक ने बताया कि अगर घर से पापा का फोन न आता तो शायद मैं जिंदा न होता। गुरप्रीत उर्फ कृष ने उन पलों की कहानी साझा करते हुए बताया कि उसे एक पार्सल रिसीव करने जाना था।

वह 8 बजे से 5 मिनट पहले ही स्कूटी पर था। वह मेल चेक कर रहा था कि किसका पार्सल है। इस बीच घर से फोन आ गया। वह फोन सुनते हुए स्कूटी से लगभग 100 मीटर दूर चला गया और तभी धमका हो गया। जैसे ही धमका हुआ तो वह बीएसएफ कैंपस की तरफ भागा, यहां बीएसएफ जवानों ने उसे पकड़ लिया। फर्स्ट एड देकर पूछताछ की। पुलिस ने भी सहयोग किया।

उधर धमाके के बाद पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का वीडियो का वीडियो सामने आया है। वीडियो में डॉन सफाई देता दिख रहा है। बता दें कि बुधवार रात 8 बजे के करीब फ्लिपकार्ट डिलिवरी बॉय की स्कूटी के पास ही धमका हुआ था। स्कूटी धमाके के साथ जल जाती है। बीएसएफ के हेडक्वार्टर के पास हुए इस धमाके की जांच पुलिस ने शुरू की तो पता चला की यहां आईईडी विस्फोट हुआ है। इस मामले में जालंधर के गढ़ा के रहने वाले गुरप्रीत उर्फ कृष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया है। धमाके की जांच अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है।

घायल युवक गुरप्रीत ने बताईं महत्वपूर्ण बातें…

  • मैं बेकसूर था, धमाके से डर गया था: गुरप्रीत ने बताया कि वह फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय है। पिछले काफी समय से उस इलाके में आता-जाता था। बीएसएफ गेट के पास मौजूद लोगों और उसकी ऐप हिस्ट्री ने इस बात की पुष्टि की कि वह वहां किसी संदिग्ध इरादे से नहीं, बल्कि केवल अपना काम करने (रिटर्न पार्सल लेने) गया था। जब धमका हुआ तो उसे कुछ समझ नहीं आया कि कैसे और क्या हुआ। वह बेकसूर था इसलिए कैंपस के अंदर की तरफ दौड़ा। धमाके के बाद वह डर गया था।
  • अभी भी एक कान से कुछ सुनाई नहीं दे रहा: धमाका इतना जोरदार था कि एक कान से अभी भी कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। वह मानसिक रूप से भी काफी सदमे में है। उसने बताया कि वह अभी मात्र 20 साल का है और इस खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रहा।
  • पुलिस ने प्यार से बात की: गुरप्रीत ने जालंधर की पुलिस कमिश्नर (CP मैडम) का धन्यवाद किया। उसने बताया कि पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की, लेकिन सीपी मैडम ने उसे बच्चे की तरह ट्रीट किया और बहुत ही अच्छे तरीके से बात की। मैं पुलिस के सामने रो रहा था। मुझे नहीं पता था कि मेरे साथ ये क्या हो रहा था। मैं बार-बार यही कह रहा था कि घरवालों से मेरी बात करवा दो। उन्होंने गुरप्रीत को आश्वासन दिया कि अगर वह निर्दोष है तो डरे नहीं।
  • मैंने रातभर खाना नहीं खाया: गुरप्रीत ने बताया कि जब पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो मैं बहुत डर गया। मुझे पुलिसवाले खाना देते रहे लेकिन मेरी भूख ही खत्म हो चुकी थी। मैंने रातभर कुछ नहीं खाया। घर आकर ही कुछ खाया। गुरप्रीत ने बताया कि उसके पिता बीएसएफ से रिटायर हैं और घर पर काफी कर्ज है। उसकी मां को दिल की बीमारी है और उन्हें पहले भी अटैक आ चुका है। घर में वह अकेला कमाने वाला था। धमाके में उसकी स्कूटी तबाह होने हो गई।
  • सरकार मुझे नौकरी दिलाए: गुरप्रीत ने सरकार से अपील की है कि धमाके के कारण उसकी सामाजिक छवि खराब हुई है, जिसे सुधारा जाए। उसने मांग की है कि उसे एक सरकारी नौकरी दी जाए ताकि वह अपने परिवार का सहारा बन सके और उसकी तबाह हुई स्कूटी का उचित मुआवजा मिले।

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