जालंधर- जालंधर में हुए हंसराज रघुवंशी की ‘[एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम को लेकर धार्मिक सिंगर कन्हैया मित्तल का वीडियो सामने आया है। मित्तल ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर जालंधर से मुझे बहुत फोन आ रहे हैं कि सरकार ने तो आपका कार्यक्रम रुकवाने की कोशिश की थी। अब वही सरकार हंसराज रघुवंशी को लेकर आई है।
कन्हैया मित्तल ने कहा कि ये सनातन की जीत है। कार्यक्रम कोई भी करवा रहा हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। पार्टियां वोट लेने के लिए कई तरह के काम करती हैं। पंजाब में वैसे भी एक चीज का ट्रेंड है कि उनको एंटरटेनमेंट चाहिए।सरकार दिखाना चाहती है कि उनको वोटर चाहिए। फोन पर लोग कह रहे हैं कि जो सरकार एक महीने पहले तक कीर्तन को रुकवा रही है, वह सेम उसी ग्राउंड में कार्यक्रम करवा रही है। हमें रुकना नहीं है।
हंसराज रघुवंशी भी हमारा भाई है। पंजाब सरकार के ये कार्यक्रम अच्छी बात है। सनातियों को एकजुट होने का संदेश देना चाहिए। सरकारों का काम शुरू से ही वोट बैंक का रहा है, ये देती कुछ नहीं हैं। मुस्लमानों की बातें करते वाले मुस्लिमों को कुछ नहीं देते। सरकारें क्रिश्चियन को वोट बैंक समझती हैं, सिखों को वोट बैंक समझती है और हिंदुओं को भी वोट बैंक समझा जाता है।
मित्तल ने कहा कि पंजाब में बाकी सब भगवाने भरोसे है। सरकारें चाहती हैं कि किसी तरह हमें वोट मिल पाए। बाकी पंजाब में एक सालिड सरकार चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे कई दूसरे राज्यों में है। बता दें कि एक महीने पहले जालंधर में श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित होने वाले बालाजी की चौकी प्रोग्राम को लेकर बवाल हो गया था।
कन्हैया मित्तल ने क्या कहा…
- पंजाब सरकार के कार्यक्रम से सनातन की जीत हुई- कन्हैया मित्तल ने अपने वीडियो में कहा किसनातन का काम होना चाहिए और इसे किसी राजनीतिक स्पर्धा से ऊपर रखना चाहिए। अगर हंसराज रघुवंशी जैसे कलाकार जालंधर आ रहे हैं और कीर्तन का आयोजन हो रहा है तो यह सभी श्रद्धालुओं के लिए एक खुशी का अवसर है। धर्म और आस्था को किसी भी राजनीति से दूर रखकर समाज में सकारात्मकता फैलाना और अपनी सांस्कृतिक एकता का परिचय देना ही सबसे उत्तम सोच है। सरकार द्वारा उसी ग्राउंड में कार्यक्रम करवाना जहां एक महीने पहले मैं आया था, सनातन की जीत है।
- सरकारें धर्म के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करती हैं: अक्सर सरकारें हर समुदाय को केवल चुनावी गणित या वोट बैंक के नजरिए से देखती हैं। चुनावों के नजदीक आते ही या माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए बड़े बड़े आयोजन करवा देना या छोटे छोटे लोक लुभावन वादे करना एक आम बात बन चुकी है। गहराई से सोचने पर हर वर्ग यह महसूस करता है कि बुनियादी मुद्दों पर ठोस काम करने के बजाय केवल दिखावे की राजनीति ज्यादा होती है।
- पंजाब को एक सॉलिड सरकार की जरूरत: पंजाब एक संवेदनशील राज्य है जिसे केवल लोक लुभावन वादों या अस्थायी आयोजनों के सहारे नहीं छोड़ा जा सकता। पंजाब को आज एक ऐसी मजबूत और नीति आधारित सरकार की जरूरत है जो राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाए, युवाओं को यहीं पर रोजगार के बेहतर अवसर दे और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए ताकि समाज का असल विकास हो सके।








