नई दिल्ली। NEET UG 2026 री-एग्जाम रविवार, 21 जून को आयोजित हुआ। देशभर में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब तक की सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की।
NTA के अनुसार, परीक्षा देश के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित हुआ। परीक्षा अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में कराई गई।
नकल रोकने के लिए 51 हजार से ज्यादा जैमर
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए धोखाधड़ी रोकने के लिए NTA ने 51,311 सिग्नल जैमर लगाए। इनमें ECIL और BEL द्वारा उपलब्ध कराए गए जैमर शामिल हैं, जिन्होंने मोबाइल और अन्य संचार संकेतों को बाधित किया।
परीक्षा केंद्रों पर भारी स्टाफ तैनात
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की गई।
- 38,795 तलाशी कर्मचारी
- 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मचारी
- 6,700 ऑब्जर्वर
- 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर
- प्रत्येक केंद्र पर सेंटर सिस्टम ऑफिसर और अतिरिक्त स्टाफ
- हर परीक्षा कक्ष में दो इनविजिलेटर
NEET UG Re-Exam 2026 के बड़े हाईलाइट्स
बेंगलुरु में 4 छात्रों की छूटी परीक्षा
कांग्रेस रैली और ट्रैफिक जाम के कारण देर से पहुंचने पर चार छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला। अभिभावकों ने पुलिस प्रबंधन पर सवाल उठाए।
छात्रों की सुविधा के लिए 45 मिनट एयरपोर्ट पर रुके पीएम मोदी
कोलकाता से दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रैफिक बाधित न हो, इसलिए दोपहर 2 बजे के बाद ही एयरपोर्ट से रवाना होने का फैसला किया।
देशभर में सख्त सुरक्षा और निगरानी के बीच परीक्षा
री-एग्जाम के दौरान कड़ी जांच, समय-सीमा और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहे, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
शिक्षा मंत्री प्रधान ने लिया व्यवस्था का जायजा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओखला में NTA मुख्यालय में NEET UG परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। NTA ने मंत्री को परीक्षा के कुशल और पारदर्शी आयोजन के लिए की गई लॉजिस्टिकल और तकनीकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी।







