मोहाली– पंजाब में सरकारी बसें चलना शुरू हो गई हैं। सरकार की ओर से लंबित मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद पीआरटीसी और पनबस के कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। इसी के साथ मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) की ओर प्रस्तावित कूच भी टाल दिया गया है।
यूनियन प्रधान रेशम सिंह ने कहा कि आज मोहाली में धरना प्रस्तावित था, लेकिन इसे समाप्त कर दिया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि सोमवार को परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें प्रबंधन लिखित रूप में देने से बच रहा था। प्रशासन के साथ हुई बैठक में हमारी सभी सहमत मांगों को लिखित रूप में दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि अगली बैठक 14 अगस्त को वित्त मंत्री, परिवहन मंत्री और कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ होगी। इससे पहले 11 अगस्त को कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नियम बनाने के प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

2200 बसें रुकी, चार करोड़ का हुआ नुकसान
इससे पहले पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को 2,200 से अधिक सरकारी बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिससे करीब 1,000 से 1,100 रूट प्रभावित हुए। कर्मचारियों के मुताबिक, एक दिन की हड़ताल से लगभग 4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
वहीं, बस सेवा प्रभावित होने से यात्रियों, खासकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि वे मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेती हैं। विभाग के राजस्व का करीब 50 फीसदी हिस्सा महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के बदले सरकार से मिलने वाली सब्सिडी से आता है। बसें नहीं चलने के कारण विभाग को यह राशि भी नहीं मिल पाएगी।








