जालंधर- जालंधर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया गया। पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद करीब 500 लोगों ने एक साथ राष्ट्रगान गाया।
ध्वजारोहण के बाद कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह में विभिन्न टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। इसके बाद मंत्री ने जिलावासियों के नाम अपना संदेश दिया। वहीं, प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जालंधर के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में सोमवार (17 अगस्त) को छुट्टी घोषित की है।
प्रशासन ने समारोह के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल पर बैग ले जाने की अनुमति नहीं थी। तलाशी के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया गया। समारोह का शेड्यूल प्रशासन ने पहले ही जारी कर दिया था। तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8 बजे से स्टेडियम में प्रवेश शुरू हुआ।




कैबिनेट मंत्री के भाषण की 5 प्रमुख बातें:-
- आजादी के आंदोलन में पंजाबियों की सर्वाधिक कुर्बानियां: कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि आजादी की लड़ाई में पंजाबियों ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। मान सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खटकड़ कलां में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सरकारी कार्यालयों में शहीद भगत सिंह व डॉ. बीआर अंबेडकर की तस्वीरें अनिवार्य की गईं। मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया और वहां उनका बुत स्थापित किया गया। मंत्री ने बताया कि ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों और पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दी गई है। इसमें अग्निवीर भी शामिल हैं। वहीं, स्वतंत्रता सेनानियों के वारिसों को सीधी भर्ती में एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
- धार्मिक विरासत का संरक्षण किया गया: सरकार ने राज्य की धार्मिक विरासत को संजोने के साथ विकास कार्यों को भी गति दी है। श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। डेरा सचखंड बल्लां में 37 करोड़ रुपए की लागत से 10 एकड़ में ‘श्री गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र’ बनाया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत अब तक 4 लाख श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। योजना का विस्तार करते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश, खाटू श्याम और मथुरा-वृंदावन के लिए बसें भी रवाना की गई हैं। वहीं, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘रंगला पंजाब’ का बजट बढ़ाकर 1,176 करोड़ रुपए किया गया है।
- महिलाओं के सम्मान में मावां-धियां सत्कार योजना चलाई: जन-कल्याणकारी योजनाओं के मोर्चे पर सरकार ने बड़े मील के पत्थर हासिल किए हैं। ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत 74.59 लाख से अधिक पंजीकृत महिलाओं के खातों में 2,274 करोड़ रुपए से ज्यादा की वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। वहीं ‘मेरी रसोई योजना’ के अंतर्गत जुलाई तक पूरे प्रदेश में 33 लाख से अधिक राशन किट बांटी गई हैं, जिसमें से अकेले जालंधर जिले में 2.40 लाख से अधिक किट वितरित की गई हैं। यह योजनाएं गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक सहयोग और खाद्य सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
- 10 लाख का बीमा कैशलेस किया: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करते हुए सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपए तक का मुफ्त कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में चालू 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से 6 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं। इन क्लीनिकों में मरीजों को 107 तरह की दवाइयां और 47 प्रकार के टेस्ट पूरी तरह मुफ्त दिए जा रहे हैं। इस पहल से आम लोगों के चिकित्सा पर होने वाले खर्च में भारी कमी आई है।
- 45 हजार से ज्यादा नशा तस्कर पकड़े: सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए राज्य सरकार ने नशा तथा अपराध मुक्त पंजाब का संकल्प लिया है। ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 45,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पीड़ित युवाओं का मुफ्त इलाज और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य को पूरी तरह गैंगस्टर-मुक्त बनाने के लिए ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान पूरी सख्ती से चलाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सही राह दिखाना और पंजाब में पूरी तरह से शांति, सुरक्षा तथा कानून का राज स्थापित करना है।








