जालंधर : पंजाब के जालंधर में पुलिस की सीआईए (CIA) स्टाफ टीम एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। शहर में एक ही दिन के भीतर सीआईए स्टाफ के कर्मियों पर संगीन आरोप लगने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आज सुबह जहां जालंधर के नजदीकी गांव जंडू सिंघा में एक 44 वर्षीय युवक द्वारा कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक का शव घर के पिछले हिस्से में एक पेड़ से लटका हुआ बरामद हुआ। मृतक की पहचान दविंदर सिंह (पुत्र तरसेम सिंह) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से गांव में तनाव और शोक का माहौल है। परिजनों ने पुलिस के ही उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
परिजनों के अनुसार, दविंदर सिंह की मौत के बाद घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। परिवार का दावा है कि दविंदर ने इस नोट में अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर सीआईए (CIA) स्टाफ के सब-इंस्पेक्टर नवजोत सिंह, जसकरण सिंह और तनवीर कौर को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों ने यह सुसाइड नोट पुलिस को सौंप दिया है और आरोपियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं अब थाना भार्गव कैंप क्षेत्र के तहत आते देयोल नगर में सीआईए कर्मियों पर एक अन्य युवक को महज शक के आधार पर हिरासत में लेकर बर्बरता से पीटने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
मृतक दविंदर सिंह
पीड़ित युवक की पहचान अक्षय के रूप में हुई है, जिसे गंभीर हालत में परिजनों द्वारा जालंधर के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। अस्पताल में मौजूद अक्षय की मां मधु बाला ने सीआईए स्टाफ के कर्मी करण व अन्य मुलाजिमों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके बेटे को पैसों के लेन-देन से जुड़े किसी मामले के शक के आधार पर जबरन उठाया गया था। दोपहर के वक्त जब बेटे का मोबाइल फोन अचानक बंद आने लगा, तो परिवार घबरा गया। इसके बाद एक स्थानीय राजनीतिक व्यक्ति के जरिए उन्हें जानकारी मिली कि अक्षय थाना भार्गव कैंप में मौजूद है।
पीड़िता का कहना है कि जब वह थाने पहुंचीं, तो अंदर से उनके बेटे के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं और उसे बेरहमी से पीटा जा रहा था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि सीआईए कर्मी करण ने अक्षय पर दबाव बनाया कि यदि वह अन्य युवकों को पुलिस के हवाले करवा दे, तो उसे छोड़ दिया जाएगा। इतना ही नहीं, थाने में तैनात पुलिस कर्मी भट्टी पर भी परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने और बिना किसी दर्ज मामले के अक्षय को हथकड़ी लगाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने पुलिस कर्मियों पर मिलीभगत और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।








