जालंधर । जालंधर के भगवान वाल्मीकि गेट के पास स्थित रिंपी इमिग्रेशन का लाइसेंस सस्पेंड किए जाने की चर्चाओं पर प्रशासन द्वारा खुद एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें उन्होंने कहा कि लाइसेंस खुद कंपनी ने सस्पेंड करवाया है। उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखकर कहा था कि उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।
डीसी ऑफिस से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया है कि रिंपी इमिग्रेशन ने अपनी इच्छा से अपना लाइसेंस सरेंडर किया था। एजेंसी ने खुद सेवाएं बंद करने का फैसला लिया था और इस संबंध में आवेदन दिया था। उसी आवेदन के आधार पर पीसीएस अधिकारी अमनिंदर कौर ने नियमों के तहत लाइसेंस रद्द किया।
मैनेजिंग डायरेक्टर बोले- खुद यह निर्णय लिया
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर पाल सिंह परुथी ने ने कहा- उन्होंने खुद यह निर्णय लिया, क्योंकि अब वे यह व्यवसाय नहीं चला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई शरणजीत सिंह परुथी के पास का वैध लाइसेंस हैं और फिलहाल सभी काम उसी लाइसेंस के तहत जारी हैं। डीसी ऑफिस की सफाई के बाद अब यह साफ हो गया है कि रिंपी इमिग्रेशन का लाइसेंस किसी शिकायत के कारण नहीं, बल्कि एजेंसी की अपनी इच्छा से सरेंडर किया गया था।








