चंडीगढ़- चंडीगढ़ में शनिवार दोपहर पीजीआई के पास सेक्टर-11 स्थित एक मेडिकल स्टोर पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में मेडिकल स्टोर के मैनेजर की मौत हो गई।
घटना दोपहर करीब ढाई बजे हुई। स्कूटी पर आए 3 बदमाशों ने कुमार मेडिकल स्टोर को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों के पास ऑटोमेटिक हथियार थे। मेडिकल स्टोर के बाहर पहुंचते ही उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए।
हमलावरों ने करीब 7 राउंड फायरिंग की, जिसमें मेडिकल स्टोर के मैनेजर और कैशियर जांकी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे मार्केट ब्लॉक को सील कर दिया और सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी मार्केट स्थित एक अन्य कुमार केमिस्ट के मालिक को कथित तौर पर गोल्डी बराड़ गैंग से धमकियां मिली थीं और उन्हें पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गोल्डी बराड़ गैंग की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

रंगदारी के एंगल से जांच
प्रारंभिक जांच में इस घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुमार मेडिकल स्टोर के मालिकों को पहले भी लॉरेंस गैंग की ओर से रंगदारी की धमकियां मिल चुकी हैं। इसी वजह से पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से जांच रही है।
चंद कदम की दूरी पर लगा था पुलिस का नाका
जिस दुकान में फायरिंग हुई है उससे चंद कदमों की दूरी पर पुलिस का नाका लगा हुआ था। उसके बावजूद भी वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
फायरिंग की घटना के बाद मौके पर डीएसपी दलवीर, पुलिस स्टेशन-11 प्रभारी इंस्पेक्टर जसपाल सिंह, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल इंचार्ज चिरंजी लाल और क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल और ऑपरेशन सेल की टीम भी मौके पर पहुंची। पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई है। टीम आरोपियों की तलाश में भेज दी गई हैं।








