एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधा कृष्णन को भारत का नया उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। इस चुनाव में कुल 788 लोगों को वोट देने का अधिकार था। जिनमें से 781 ने हिस्सा लिया। मतदान का प्रतिशत 98 फीसदी रहा।
नई दिल्ली। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। आज हुए मतदान में सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उपराष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, मैं नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन को उनके कार्यकाल की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के पक्ष में 315 सांसदों के मतदान का दावा किया था। वहीं बीआरएस और बीजेडी ने चुनाव में भाग नहीं लिया, जबकि राज्यसभा में बीआरएस के चार और बीजेडी के सात सांसद हैं। वहीं अकाली दल के सांसद ने बाढ़ के चलते मतदान में हिस्सा लेने से मना कर दिया था।
पीएम मोदी ने किया सबसे पहले मतदान
पूर्व प्रधानमंत्री, 92 वर्षीय देवेगौड़ा व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हाथों में हाथ डाले मतदान केंद्र तक जाते देखे गए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और कई अन्य नेताओं ने भी मतदान किया। जेल में बंद सांसद इंजीनियर रशीद ने भी मतदान में हिस्सा लिया।
दक्षिण भारत से थे दोनों उम्मीदवार
उप राष्ट्रपति पद के राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन तमिलनाडु की एक प्रमुख ओबीसी जाति गौंडर से आते हैं और आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले हैं। राधाकृष्णन को 2023 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था और फिर जुलाई 2024 में उन्हें महाराष्ट्र स्थानांतरित कर दिया गया था। अपने पूर्ववर्ती धनखड़ के विपरीत, राधाकृष्णन ने राज्यपाल के रूप में विवादास्पद राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से काफी हद तक परहेज किया है। वह 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और 1999 में फिर से इस सीट से लोकसभा के लिए निर्विचत हुए थे।
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विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और गोवा के लोकायुक्त रहे हैं। वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं। रेड्डी जुलाई 2011 में शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने एक फैसले में, नक्सलियों से लड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गठित सलवा जुडूम को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में रेड्डी ने विदेश में बैंक खातों में अवैध रूप से रखे गए बेहिसाबी धन को वापस लाने के लिए सभी कदम उठाने के वास्ते एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया था।








