जालंधर। पंजाब में रावण दहन से पहले ही कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो गई। इस दौरान जालंधर में तेज हवा से रावण के पुतले की गर्दन टूटकर लटक गई। वहीं होशियारपुर में तेज बारिश की वजह से पुतला गीला हो गया।
वहीं राज्य में सबसे बड़ा रावण इस बार लुधियाना में जलेगा। यहां के दरेसी इलाके में 121 फीट का रावण बनकर तैयार है। जालंधर और अमृतसर में 120 फीट के रावण जलेंगे। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में 60 से लेकर 100 फीट तक ऊंचे पुतले जलाए जाएंगे। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और चंडीगढ़- मोहाली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।

लुधियाना के दरेसी में 101 फुट का रावण बनाया गया है।
वहीं जालंधर में श्री देवी तालाब मंदिर परिसर के काली माता मंदिर के कपाट दशहरा पर्व पर खोल दिए गए। श्री देवी तालाब परिसर में बने महाकाली मंदिर के चौथे फ्लोर पर बना मां महाकाली का मंदिर साल में एक बार ही महिलाओं और बच्चों के लिए खोला जाता है।

बड़े शहरों में दशहरे की क्या तैयारी
- लुधियाना: लुधियाना में 12 से अधिक स्थानों पर बड़े स्तर पर रावण दहन होंगे, जिनमें प्रमुख हैं दरेसी और उपकार नगर। दरेसी में 121 फीट ऊंचा रावण बनाया गया है। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और अन्य विधायक और अधिकारी शामिल होने की संभावना है। दहन के बाद 4-व्हीलर वाहनों की एंट्री बंद की जाएगी।
- जालंधर: जालंधर में 20 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। सबसे बड़ा आयोजन बल्टर्न पार्क और साईं दास पब्लिक स्कूल में होंगे। साईं दास स्कूल में 100 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया है यहां शाम 6 बजे से रावण दहन कार्यक्रम शुरू होंगे। सभी जगहों पर राम-सीता-लक्ष्मण के साथ रावण और उसकी सेना की झाकियां निकाली जाएंगी। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए माई हीरा गेट रोड और पटेल चौक पर पुलिस बल तैनात रहेगा। शहर में रूट डायवर्ट नहीं होगा, लेकिन सभी चौकों पर पुलिस तैनात रहेगी और रुकावट डालने वाले वाहनों को रोक दिया जाएगा। शहर में बड़े नेता रावण दहन के लिए नहीं आ रहे हैं।

- चंडीगढ़ और मोहाली: चंडीगढ़ और मोहाली में कुल 50 जगहों पर रावण दहन का आयोजन होगा। चंडीगढ़ के सेक्टर‑46 में 101 फीट ऊंचा रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जलाए जाएंगे। यह चंडीगढ़ का सबसे बड़ा पुतला माना जा रहा है। दहन का समय सूर्यास्त के तुरंत बाद रखा गया है। यहां पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाबचंद कटारिया चीफ गेस्ट होंगे। सेक्टर‑17 में भी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे। मोहाली के सेक्टर‑79 में भी 100 फुट ऊंचे पुतलों का दहन किया जाएगा।

- अमृतसर: अमृतसर में सबसे बड़ा रावण दहन दुर्गियाणा मंदिर में दहन किया जाता है। मंदिर के आसपास ट्रैफिक बंद किया जाएगा। हाथी गेट से दुर्गियाणा मंदिर और किला गोबिंदगढ़ से मंदिर तक वाहनों को नहीं जाने दिया जाएगा। दोपहर 3 बजे के बाद मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक बंद रहेगा। मंदिर परिसर में पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा रामलीला मैदान (भद्रकाली मैदान) जहां 60-70 फीट के पुतले जलेंगे, बाईपास माता मंदिर, और छेहर्टा मैदान। शहर में लगभग दो दर्जन जगहों पर रावण दहन होंगे, हालांकि भीड़ सीमित रहेगी।









