ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना जाता है, जो ज्ञान, धर्म, भाग्य और संतान के कारक ग्रह हैं। जब भी देव गुरु राशि परिवर्तन करते हैं, तो उसका प्रभाव न केवल व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, बल्कि देश-दुनिया से लेकर अर्थव्यवस्था-मौसम तक भी इसका असर देखने को मिलता है। वर्तमान में वह मिथुन में विराजमान है। अब वह 2 जून 2026 को सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं।
खास बात यह है कि, कर्क राशि में गुरु उच्च अवस्था में रहेंगे, इसलिए यह गोचर बेहद प्रभावशाली रहने वाला है। लेकिन, इस बार गुरु अतिचारी गति से कर्क में गोचर कर रहे हैं, जिस वजह से इसके परिणाम तेजी से सामने आ सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरु का अतिचारी होना अशुभ होता है, जो अचानक बड़े बदलावों का संकेत है। वहीं कुछ क्षेत्रों में यह सकारात्मक प्रगति और नए अवसरों का द्वार भी खोल सकता है। जानिए गुरु के कर्क राशि में गोचर का राशियों से लेकर देश-दुनिया पर प्रभाव।
क्या होगा देश-दुनिया पर असर ?
ज्योतिष गणना के अनुसार, देवगुरु के कर्क राशि में आते ही धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्रों में नए बदलाव संभव हैं। इस दौरान कई बड़ी घोषणाएं सामने आ सकती हैं। बात अगर राजनीतिक स्तर पर की जाए, तो कुछ फैसले चर्चा में रह सकते हैं। इस समय अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम में अचानक बदलाव होगी। भारी बारिश या जल से जुड़ी घटनाओं में वृद्धि के संकेत हैं।
मेष राशि
मेष राशि वालों के चौथे भाव में गुरु गोचर करने जा रहे हैं। आपकी भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, भाग्य का साथ मिलेगा। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के तीसरे भाव में गुरु गोचर करने जा रहे हैं। धन से जुड़े मामलों में सुधार होगा। इस समय रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के दूसरे भाव में गुरु गोचर करने जा रहे हैं। इस समय मानसिक दबाव थोड़ा बढ़ सकता है। पुरानी बातों को लेकर परेशान रहेंगे। फैसले सोच-समझकर लें और जल्दबाजी से बचें।








