जालंधर– जालंधर के पॉश इलाके जालंधर हाइट्स-2 के डी ब्लॉक में 14वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर 24 वर्षीय जैसमीन चहल की मौत हो गई। एक बड़े पुलिस अधिकारी की बेटी इस तरह से मौत से सभी हैरत में हैं। पढ़ने में होशियार जैसमीन ने यह कदम क्यों उठाया यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन शव के पास से मिले पर्चे से कुछ जवाब की उम्मीद है।
पर्चे पर लिखा है I was wrong, I am sorry। हालांकि इस पर्चे को लेकर पुलिस अधिकारी कुछ कह नहीं रहे हैं। मृतका फरीदकोट में तैनात एसपी कर्मवीर सिंह चहल की बेटी थी। उसके इस कदम को लेकर सभी हैरत में हैं। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया है। पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है।
उधर इस घटना क लेकर इस घटना से बिल्डिंग में दहशत का माहौल है और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि जालंधर हाइट्स में पिछले 6 महीनों के भीतर किसी युवती के ऊंचाई से गिरने की यह तीसरी घटना है। इस सुरक्षा चूक और सिलसिलेवार हादसों को लेकर पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

जैसमीन की मौत की वजह डिप्रेशन बताई
पुलिस के शुरुआती बयानों में जैसमीन की मौत की वजह डिप्रेशन बताई जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मानसिक तनाव के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर इतने पढ़े-लिखे पृष्ठभूमि वाले परिवार की बेटी किस बात को लेकर परेशान थी।
जैसमीन बेहद प्रतिभाशाली छात्रा थी। उसने साल 2018 में आईसीएसई (ICSE) 12वीं की परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे देश में दूसरा स्थान (ऑल इंडिया सेकंड रैंक) प्राप्त किया था। पढ़ाई में इतनी होनहार लड़की का इस तरह से अचानक कदम उठाना हर किसी को हैरान कर रहा है।
घटनास्थल से पुलिस को सुसाइड नोट मिला
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक पर्चा (सुसाइड नोट) भी बरामद हुआ है, जिस पर हाथ से लिखा था “आई वाज रॉन्ग, आई एम सॉरी” (I was wrong, I am sorry)। इस लिखित नोट के संबंध में जब एसएचओ से सवाल किया गया, तो उन्होंने फिलहाल कुछ भी स्पष्ट कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हैंडराइटिंग और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
6 महीनों के दौरान तीसरी सुसाइड की घटना
जालंधर हाइट्स-2 में पिछले 6 महीनों के दौरान बहुमंजिला इमारतों से युवतियों के नीचे गिरने या सुसाइड करने का यह तीसरा मामला है। एक ही सोसायटी में बार-बार हो रही इन घटनाओं से निवासी बेहद खौफ में हैं। जब पुलिस अधिकारियों से इन लगातार 6 महीनों में घटी तीन घटनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया।
194 के तहत 174 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुरुप मामला दर्ज
थाना सदर की पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत 174 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुरूप CRPC की तरह कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








