लुधियाना/चंडीगढ़- पंजाब कांग्रेस में सचिन पायलट की बतौर प्रभारी एंट्री शानदार रही। जो काम भूपेश बघेल नहीं एक महीने में नहीं कर पाए, वह सचिन पायलट ने आते ही कर दिया। राजा वड़िंग और चन्नी खेमे को एक मंच पर ले आए। इसी काम के लिए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पंजाब का प्रभारी लगाया था।
दूसरी तरफ सचिन पायलट ने पंजाब के नेताओं को क्लीयर कट मैसेज दे दिया कि यहां पर किसी भी नेता को फ्री हैंड नहीं दिया जाएगा। पंजाब कांग्रेस चुनाव तक दिल्ली से ही चलेगी। हाईकमान की सुप्रीम है। कोई गुट बनाकर ये न समझे कि कांग्रेस को अपने हिसाब से चला लेगा। उन्होंने खुले मंच से कहा कि मुझे राहुल गांधी ने भेजा है।
नेताओं की गुटबाजी आगे न बढ़े इसके लिए पायलट ने वर्कर्स को यह कह दिया कि अगर पंजाब के नेता आपकी बात नहीं सुनते तो सीधे मेरे पास आएं। मैं आपकी बात सुनूंगा। पायलट ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि अब मैं आगे चलूंगा और बाकी उनके पीछे रहेंगे।


नेताओं को पायलट के मैसेज
- कोई हल्के में न ले: सचिन पायलट ने पंजाब के नेताओं को इशारों इशारों में कह दिया कि उन्हें हल्के में न लें। पायलट ने अपने भाषण में ही कह दिया कि मेरे पास राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार और स्टेट पॉलिटिक्स से लेकर सेंटर पॉलिटिक्स का पूरा अनुभव है। मैं सत्ता में भी रहा हूं और विपक्ष में भी। इसलिए मैं हर परिस्थिति को अच्छे से जानता हूं।
- यूथ को लुभाया: सचिन पायलट ने नेताओं को एक और संकेत दे दिया है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में अब यूथ को मौका मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी यूथ एकजुट होकर पंजाब को आगे बढ़ाने की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं को ताकत देना चाहते हैं।
- हाईकमान की सर्वोपरि: सचिन पायलट ने साफ कर दिया कि मैं ही पूरे सिस्टम को लीड करूंगा। पायलट ने कहा- ये नेता आपकी बात नहीं सुनते तो आप सीधे मेरे पास आना। मैं पार्टी का जनरल सेक्रेटरी होने के नाते आपकी बात सुनूंगा। पायलट ने साफ कर दिया कि अगर कोई नेता गुटबाजी करेगा तो हाईकमान सीधा उसे डील करेगा।
- कलेक्टिव लीडरशिप दिखानी ही होगी: सचिन पायलट ने जब भाषण शुरू किया तो उन्होंने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान राजा वड़िंग के साथ ही पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी व प्रताप सिंह बाजवा व चन्नी गुट के सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम लिया। इससे पायलट साफ कर दिया कि कलेक्टिव लीडरशिप रखनी ही होगी।
पायलट ने बघेल वाली गलती नहीं दोहराई सचिन पायलट पंजाब के नेताओं में चल रही गुटबाजी को भली-भांति समझकर आए हैं। पायलट ने भूपेश बघेल वाली गलती को नहीं दोहराया और दोनों गुटों का बैलेंस बनाए रखा। पायलट ने मंच पर एक तरफ चरणजीत सिंह चन्नी को बैठाया तो दूसरी तरफ अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को। सचिन पायलट मंच पर दोनों से बराबर बातें करते हुए दिखे ताकि दोनों में से कोई भी गुट नाराज न हो।

पंजाब कांग्रेस के नेता भी भांप गई हाईकमान के तेवर
पंजाब कांग्रेस के नेता भी हाईकमान के तेवर भांप चुकी है। प्रताप सिंह बाजवा ने अपने भाषण में यहां तक कह दिया कि जब बाप जिंदा हो तो बेटों की कोई नहीं चलती। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव लड़ेंगे और बहुमत हासिल करेंगे। उसके बाद हाईकमान सीएम बनाने का फैसला करेगा।
यही नहीं बाजवा ने तो यहां तक कह दिया कि इस इलेक्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, खड़गे और सचिन पायलट के चेहरे पर इलेक्शन लड़ा जाएगा। वहीं राजा वड़िंग ने भी कह दिया कि सचिन पायलट की अगुआई में ही पंजाब कांग्रेस चलेगी। सचिन पायलट को राहुल गांधी ने भेजा है। सचिन पायलट आगे आगे चलेंगे और पूरी पंजाब कांग्रेस उनके पीछे चलेगी।

चन्नी और वड़िंग के दिल नहीं मिले
सचिन पायलट के आने पर चन्नी व राजा वड़िंग एक मंच पर आ गए लेकिन चन्नी गुट अब भी राजा वड़िंग को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। सचिन पायलट के बीच में बैठे रहने पर एक मौका ऐसा भी आया जब राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच कुछ बातें भी हुई, पर चरणजीत सिंह चन्नी ने मंच पर अपने संबोधन के दौरान राजा वड़िंग का नाम ही नहीं लिया।
चन्नी गुट के सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी मंच से जब अपना भाषण शुरू किया तो उन्होंने पहले सचिन पायलट का नाम लिया और फिर चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिया। जिससे साफ है कि रंधावा अब भी चन्नी को राजा वड़िंग से बड़ा लीडर मानते हैं।








