जालंधर। जालंधर के फिल्लौर के सस्पेंडे SHO भूषण कुमार सोमवार को चंडीगढ़ में महिला कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल के सामने पेश हुए। महिला आयोग ने लड़कियों के साथ सेक्सुअल बातचीत पर उनको लताड़ लगाई है।महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि वर्दी की आड़ में महिलाओं का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा।
SHO की सफाई-रेप केस में समझौता हो रहा था, इसलिए FIR में देर लगी
पंजाब महिला कमीशन के सामने पेश हुए SHO भूषण ने भी अपनी सफाई पेश की। फिल्लौर के गांव से पहुंचे सरपंच राजकुमार ने बताया कि SHO ने कहा कि रेप मामले में दोनों पार्टियों में राजीनामे पर बात चल रही थी। इसलिए इस केस में FIR दर्ज करने में देरी हुई।
हालांकि महिला कमीशन ने इस बात को सुनने के बाद कहा कि थाने में जब-जब राजीनामे को लेकर बात हुई है, उसकी सीसीटीवी फुटेज सौंपी जाएं। उनकी इस बात को तब तक नहीं माना जाएगा जब तक सीसीटीवी फुटेज इस बात को साबित नहीं कर देते कि दोनों पार्टियां राजीनामा चाहती थीं।

महिला कमीशन ने कहीं अहम बातें : वर्दी में ऐसा काम बर्दाश्त नहीं, सख्त एक्शन होगा
पंजाब महिला कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने कहा कि मैं महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करूंगी। मैंने SHO और अधिकारियों को साफ कह दिया है कि थाने में लगे CCTV तुरंत सौंपे जाएं। ताकि पता चल सके SHO ने थाने में क्या बर्ताव किया है। अगर CCTV न मिले तो बिना सबूत के किसी बात को नहीं सुना जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने SHO के खिलाफ इन्क्वायरी बैठा दी है। अभी रिपोर्ट सब्मिट नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के साथ अब CCTV फुटेज भी अटैच करने को कहा है।
सीसीटीवी फुटेज से साबित करें, केस दर्ज करने में देरी क्यों
राज लाली गिल ने कहा कि मैंने आज पेश हुए पुलिस अधिकारियों और SHO को साफ कह दिया है कि CCTV फुटेज से साबित करो कि रेप पीड़िता के मामले में FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई है। इसका कारण बताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि थाने में पहुंची किसी भी महिला के केस में सुनवाई के वक्त इंक्वायरी रूम में CCTV लगे होना जरूरी हैं। ये हर थाने में होते हैं। इन कैमरों के सामने ही महिला से बात होती है। CCTV कैमरों की रिकार्डिंग मिलते ही पता चल जाएगा और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
पीडि़ताओं ने रिकार्डिंग सौंपी, बेहद आपत्तिजनक
पंजाब महिला कमीशन की चेयरपर्सन ने कहा कि आज सोमवार को SHO की सताई हुई दो पीडि़ताएं उनसे मिलीं। मैंने दोनों की बात गौर से सुनी। इसके बाद SHO और पीड़ित पार्टी को बैठाकर पूछा गया। पीडि़ताओं ने अपनी रिकॉर्डिंग उनको सौंप दी हैं। मैंने इसको सुना। ये बहुत आपत्तिजनक हैं। इनको शब्दों में बता पाना भी मुश्किल है।
एक और पीड़िता की रिकॉर्डिंग आई सामने दावा-एचएचओ कमरे में आने का बनाता था दबाव
एसएचओ भूषण मामले में फिल्लौर एरिया से ही एक और पीड़िता सामने आई है। उसने भी महिला कमीशन को एसएचओ की रिकॉर्डिंग सौंपी हैं। इसमें पीड़िता ने दावा किया है कि एसएचओ ने उसे अपने कमरे में आने के लिए कहा। उसने ये भी कहा कि वह बीमार है और दवाई लेने जा रही हूं। पीड़िता का आरोप है कि बावजूद इसके मुझ पर आने का दबाव बनाया गया। पीड़िता का आरोप है कि एसएचओ बार-बार मिलने का दबाव बनाता है और सरेआम हग करता है।









